लखनऊ: निजी अस्पताल की जांच में मिली गड़बड़ी, नोटिस देकर मांगा जवाब

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार संवाददाता/लखनऊ। अग्निशमन व अन्य दूसरे मानकों की परख के लिए सीएमओ की टीम ने चार अस्पतालों में छापेमारी की। इस दौरान उन्हें कोई भी अस्पताल नियम के अनुसार चलते नहीं मिला। इसके बाद अफसरों ने मामले में सभी को नोटिस देते हुए एक सप्ताह में जवाब देने के लिए सख्त निर्देश दिए थे। …

अमृत विचार संवाददाता/लखनऊ। अग्निशमन व अन्य दूसरे मानकों की परख के लिए सीएमओ की टीम ने चार अस्पतालों में छापेमारी की। इस दौरान उन्हें कोई भी अस्पताल नियम के अनुसार चलते नहीं मिला। इसके बाद अफसरों ने मामले में सभी को नोटिस देते हुए एक सप्ताह में जवाब देने के लिए सख्त निर्देश दिए थे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अस्पताल को बंद करने की चेतावनी दी है।

नहीं कराया था नवीनीकरण डालीगंज एक्का स्टैंड स्थित लखनऊ हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर में डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह ने छापेमारी की कार्रवाई की। मौके पर अस्पताल बिना पंजीकरण नवीनीकरण के चलता मिला। वहीं, अस्पताल में चल रही दवा की दुकान पर फार्मासिस्ट भी उपस्थित नहीं मिली। अस्पताल में कोई भी पूर्णकालिक डॉक्टर मौजूद नहीं था। आईसीयू में महज एक फायर सिलेंडर मिला। आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

अस्पताल में फायर एक्जिट भी नहीं था। आईसीयू में भर्ती मरीज को फीजियोथेरेपिस्ट ऑक्सीजन लगाते पाई गईं। अस्पताल में भर्ती मरीज फारूख शाह का इलाज डॉ. टीएच फारूकी की सलाह पर किया जा रहा है। मरीज के इलाज का ब्यौरा दस्तावेज में दर्ज नहीं पाया गया। मरीजों के आने-जाने की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं मिली।

आग से बचाव के इंतजाम नहीं मिले
चौक पाटानाला स्थित वी केयर हॉस्पिटल में भी कोई नियमित डॉक्टर नहीं मिला। फायर एक्जिट नहीं पाया गया। आग से बचाव के इंतजाम भी नहीं था। डॉ. एपी सिंह ने बताया कि निरीक्षण के समय बीयूएमएस डॉ. वारिस मिले। इन्होंने मरीजों को प्रमाण पत्र दिए। पर उनके दस्तख्त नहीं थे। आईसीयू में दो मरीज भर्ती थे। इसकी देख-रेख बीयूएमएस डॉ. वारिस के जिम्मे थी।

यह भी पढ़ें:-कानपुर: कल्याणपुर के निजी अस्पताल में युवती की मौत पर परिजनों का हंगामा, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप

संबंधित समाचार