मुरादाबाद : मां के साथ मिलकर बेटे ने रेती थी मुश्ताक की गर्दन, गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। बहुचर्चित मुश्ताक हत्याकांड का कुंदरकी पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस का दावा है कि बुजुर्ग मुश्ताक को गला रेत कर बेरहमी से मौत का घाट उतारने वाले कोई और नहीं, बल्कि मुकदमे का वादी व मृतक का पुत्र निजामुद्दीन और पत्नी शकीला है। संपत्ति हथियाने की ताक में बैठे …
मुरादाबाद, अमृत विचार। बहुचर्चित मुश्ताक हत्याकांड का कुंदरकी पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस का दावा है कि बुजुर्ग मुश्ताक को गला रेत कर बेरहमी से मौत का घाट उतारने वाले कोई और नहीं, बल्कि मुकदमे का वादी व मृतक का पुत्र निजामुद्दीन और पत्नी शकीला है। संपत्ति हथियाने की ताक में बैठे मां बेटे ने एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश की। योजनबद्ध तरीके से मुश्ताक को मौत के घाट उतारने के आरोप में दोनों मां बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों ही आरोपी शुक्रवार को जेल भेज दिए गए।
- मुकदमा वादी ही निकला पिता का कातिल
- संपत्ति हाथ से खिसकने के भय से पिता को उतारा मौत के घाट
- प्रतिशोध में जल रहे देवर ने भाभी को कानून के फंदे में फंसाने की बनाई थी योजना
एसपी ग्रामीण संदीप कुमार मीणा ने बताया कि कुंदरकी थाना क्षेत्र के जैतपुर पट्टी गांव में रहने वाले निजामुद्दीन पुत्र मुश्ताक ने 13 सितंबर को थाने में तहरीर दी। बताया कि उसके 60 वर्षीय पिता की गला रेत कर हत्या कर दी गई है। मृतक का खून से लथपथ शव तड़के तीन बजे बिस्तर पर पड़ा मिला। निजामुद्दीन ने हत्या का आरोप बड़े भाई की पत्नी शबाना और उसके मायके वालों के सिर मढ़ा। तहरीर के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने कातिलों की तलाश शुरू की।
बयान व दावों में विरोधाभास से संदेह में घिरा वादी
एसपी ग्रामीण ने बताया कि मुकदमा वादी निजामुद्दीन के विरोधाभासी बयान और उसके दावे शुरू से ही संदेह के घेरे में थे। कत्ल की आरोपी शबाना घटनास्थल के समीप अपने घर में मिली। जबकि उसके मायके के चार अन्य आरोपियों का लोकेशन उनके पैतृक गांव में था। वारदात के वक्त कत्ल के आरोपियों की मौजूदगी घटना स्थल पर नहीं मिली। जबकि मुकदमा वादी ने दावा किया था वारदात अंजाम देकर फरार हो रहे कातिलों को उसने अपनी आंख से देखा था।
पूछताछ में मिले हत्या के अहम सुराग
कातिल की तलाश में पुलिस ने मुश्ताक के सभी परिजनों से संजीदगी से पूछताछ की। सभी के बयान दर्ज किए गए। पड़ोसी व ग्रामीणों तक से पूछताछ की गई। तब पता चला कि मुश्ताक के परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद था। मुश्ताक के बड़े बेटे व शबाना के पति की मौत पहले हो चुकी थी। ऐसे में मुश्ताक अपनी बड़ी बहू का मददगार बना। मुश्ताक के कारण ही शबाना को अपनी ससुराल में सिर छिपाने की जगह मिल गई। वह पुराने मकान में बच्चों के साथ जीवन यापन करने लगी। इधर दो सितंबर को शबाना ने अपने देवरों के खिलाफ कुंदरकी थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया। वारदात की वजह संपत्ति विवाद ही बताई गई। पुलिस को पता चला कि मुश्ताक शबाना को अपने नए मकान में भी हिस्सेदार बनाना चाहता था। जबकि निजामुद्दीन व उसकी मां शकीला घर की बड़ी बहू को संपत्ति से पूरी तरह बेदखल करने पर उतारू थे।
मां-बेटे ने ऐसे बनाया प्लान
निजामुद्दीन व शकीला को जब इस बात का यकीन हो गया कि मुश्ताक नए मकान में भी अपनी बड़ी बहू को हिस्सेदार बनाएगा तो उन्होंने वृद्ध को ठिकाने लगाने का फैसला कर लिया। मां बेटे ने एक साथ मिलकर प्लान बनाया। योजनाबद्ध तरीके से उन्होंने पहले मुश्ताक का गला रेता। फिर पुलिस पर दबाव बनाकर शबाना व उसके मायके वालों को कत्ल के मुकदमे का अभियुक्त बना दिया। पूछताछ के दौरान संदेह में घिरे मां-बेटे को जब इस बात का यकीन हो गया कि पुलिस उनके पूरे प्लान को समझ चुकी है तो दोनों ने घर से भागने की योजना बना ली। इसकी भनक लगते ही पुलिस सक्रिय हो गई। घर से भागने की फिराक में जुटे मां बेटे को पुलिस ने मौके से ही दबोच लिया। पूछताछ में शकीला व निजामुद्दीन ने गुनाह कबूल कर लिया। दोनों अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने आला कत्ल भी बरामद कर लिया। कत्ल के दोनों आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। पुलिस की दलील व साक्ष्य को मजबूत आधार मानते हुए कोर्ट ने मां-बेटे को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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