बरेली: कुतुबखाना पुल का जोरदार विरोध, दुकानें बंद कर सड़क पर उतरे व्यापारी

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बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल के निर्माण को लेकर जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया है। शनिवार की देर रात विरोध की चिंगारी ऐसी सुलगी कि रविवार को सैकड़ों की संख्या में व्यापारी सड़क पर आ गए। व्यापारियों ने रविवार को कोतवाली से लेकर कोहाड़ापीर चौराहे तक दोनों तरफ की दुकानें बंद कराकर प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों …

बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल के निर्माण को लेकर जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया है। शनिवार की देर रात विरोध की चिंगारी ऐसी सुलगी कि रविवार को सैकड़ों की संख्या में व्यापारी सड़क पर आ गए। व्यापारियों ने रविवार को कोतवाली से लेकर कोहाड़ापीर चौराहे तक दोनों तरफ की दुकानें बंद कराकर प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। दोपहर में पंजाबी मार्केट पर दरी बिछाकर धरना दिया। शाम को व्यापारियों ने सभाकर पुल निर्माण बंद कराने की बात कहते हुए सोमवार को भी बाजार बंद रखने की घोषणा की।

सुबह 9 बजे से ही व्यापारी बाजार में आने लगे थे। कोहाड़ापीर में दुकानें खुलने लगी थीं। धीरे धीरे 10 बजे तक व्यापारियों का जत्था एकत्र हुआ तो सभी दुकानें बंद कराने निकल पड़े। जो दुकानें खुली थी उन्हें बंद कराते हुए वे कुतुबखाना की ओर लौट आए। यहां पंजाबी मार्केट पर व्यापारी एकत्र हुए और बाजार बंद करा कर वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए।

यहां उन्होंने सेतु निगम और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान सीओ फर्स्ट श्वेता यादव ने आकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन व्यापारी नहीं माने। व्यापारियों ने कहा जनप्रतिनिधि पुल बनवाने से पहले उन्हें जहर की पुड़िया भेज दें फिर पुल बना ले। अधिकारी धोखे से पुल बनवाना चाहते हैं। कहा जब तक जनप्रतिनिधि व अधिकारी और कमिश्नर आकर पुल प्रस्ताव को निरस्त नहीं करेंगे तब तक आंदोलन चलता रहेगा। दोपहर में कोतवाली के सामने खेल के सामान की दुकान खुली होने पर व्यापारियों ने एकजुट होकर उसे बंद कराने का आग्रह कर उसे बंद करा दिया।

वरिष्ठ व्यापारियों ने निर्णय लिया कि सोमवार को भी कोहाड़ापीर, कुतुबखाना घंटाघर, जिला अस्पताल से कोतवाली तक बाजार बंद रहेगा। निर्णय लेने वालों में सुनील अरोरा, अमरजीत सिंह ,परमजीत सिंह, मनीष चंडोक पंकज बिग, भूपेंद्र सिंह भुप्पी, उमंग बत्रा, राकेश साहनी, विजय पर्चानी, नरेश सिंधी, गब्बर,गुरबचन सिंह,आदि रहे।

गलियों में खुली रही दुकानें
कोहाड़ापीर से कुतुबखाना के बीच मुख्य सड़क के अलावा गलियों में भी कई बाजार हैं। कुछ दिन पहले नकली सौंदर्य प्रसाधन आइटम बेचने पर जिस गली में छापा डाला गया था उस गली में दुकानें खुली थी और व्यवसाय हो रहा था। उसी के सामने सड़क के दूसरी ओर भी गलियों में दुकानें खुली रहीं। गली नवाबान का एक सिरा कोहाड़ापीर तो दूसरा सिरा बड़ा बाजार वाली सड़क पर है। ऐसे में यहां कुछ दुकानें ही बंद रही।

व्यापारी बोले- दबाव बनाने के लिए बीएसएफ को लगाया
प्रशासनिक अफसर व्यापारियों को आतंकवादी मान रहे हैं। उनका गुस्सा आंदोलन को रोकने के लिए बीएसएफ को लगाने पर भी है। व्यापारियों का कहना है कि क्या हम आतंकवादी हैं। क्या हम गांधीवादी तरीके से आंदोलन भी नहीं कर सकते हैं। बीएसएफ को लगाने का रवैया ठीक नहीं है।

मेयर- विधायक की वादा खिलाफी के प्रति गुस्सा
बरेली। कोहाड़ापीर- कुतुबखाना के व्यापारियों ने कहा कि जिस जगह पुल की जरूरत नहीं है वहां नेताओं की जिद में पुल का निर्माण किया जा रहा है। मेयर डा. उमेश गौतम ने कहा था कि पुल नहीं बनेगा और यदि पुल बनेगा तो व्यापारियों की सहमति ली जाएगी। लेकिन इस पुल निर्माण में व्यापारियों की सहमति नहीं ली गई थी।

व्यापारियों को समझाने आए सिटी मजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों से दो टूक कहा और चले गए
देखिए पुल तो बनकर रहेगा। आपको विरोध करना था तो पहले करना चाहिए था। मैं कई बार पुल के लिए सर्वे करके चला गया तब किसी ने कोई बात नहीं बताई। अब इस पुल को बनने से नहीं रोका जा सकता है। आंदोलनकारियों को समझाने आए सिटी मजिस्ट्रेट राकेश गुप्ता ने व्यापारियों से यह बात कही है। वे दोपहर में आंदोलनकारी व्यापारी को समझाने में असफल रहने के बाद गाड़ी में वापस चले गए।

पंजाबी मार्केट में नगर मजिस्ट्रेट और व्यापारियों के बीच हुई वार्ता में अधिकारी ने आधुनिक तकनीक से छह माह में पुल निर्माण पूरा होने की बात कही तो व्यापारियों ने कहा कि छह महीने में तो पुलिया का काम पूरा नहीं होता और व्यापारियों की छाती पर उन्हें बर्बाद करने के लिए पुल का निर्माण किया जा रहा है। व्यापारियों की बातें जानकर आखिर में नगर मजिस्ट्रेट को कहना पड़ गया कि आपको हमसे बात करने से कोई लाभ नहीं होगा। पुल बनकर रहेगा। इसमें बाधा आएगी तो प्रशासन सख्ती करेगा।

व्यापारियों के आंदोलन में नहीं दिखा दम, व्यापार मंडल समर्थन में नहीं आए
बरेली। व्यापारियों की समस्याओं को हल करने का दावा करने वाले कई व्यापारिक संगठन कोहाड़ापीर-कुतुबखाना पुल के विरोध में बंद हुए बाजार का समर्थन करने सामने नहीं आए। यानि पुल निर्माण का जो विरोध व्यापारी कर रहे हैं वे कुतुबखाना-कोहाड़ापीर के ही व्यापारी हैं। व्यापारियों ने दावा किया था कि कई प्रमुख व्यापार मंडल के नेता उनके आंदोलन का समर्थन करेंगे। कई लोग एकजुट हुए थे, लेकिन रविवार को जब एकजुटता दिखाने का मौका आया तो कोई भी संगठन सामने नहीं आया।

यह हाल तब है जब शहर में ही एक दर्जन से ज्यादा व्यापार मंडल के नेता हैं। सभी व्यापारी की समस्याओं को हल कराने का दावा भी करते हैं। व्यापारियों में इसी आपसी फूट का लाभ उठाते हुए पुल निर्माण आरंभ करा दिया गया। चर्चा भी रही कि अभी तक सेतु निगम का पुतला फूंकने और कर्मचारियों के बेरोजगार होने का दंभ भर कर आंदोलन करने वाले कोहाड़ापीर के एक प्रमुख नेता शनिवार की रात और रविवार की सुबह कहीं नजर नहीं आए।

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