अयोध्या: आचार्य धर्मेंद्र के निधन को विहिप ने बताया अपूर्णीय क्षति
अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद ने पंचखंड पीठाधीश्वर विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य आचार्य धर्मेंद्र के निधन को सामाजिक धार्मिक जीवन मूल्यों की अपूर्णीय क्षति बताया। ज्ञातव्य हो कि राम मंदिर आंदोलन में आचार्य धर्मेंद्र को सभाओं और भाषणों से व्यापक पहचान मिली। सोमवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद …
अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद ने पंचखंड पीठाधीश्वर विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य आचार्य धर्मेंद्र के निधन को सामाजिक धार्मिक जीवन मूल्यों की अपूर्णीय क्षति बताया। ज्ञातव्य हो कि राम मंदिर आंदोलन में आचार्य धर्मेंद्र को सभाओं और भाषणों से व्यापक पहचान मिली। सोमवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद 80 साल की आयु में उनका निधन हो गया।
विहिप के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने कहा कि आचार्य ने श्रीराम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रहकर अपना अहम योगदान दिया था। विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा महाराज श्री का स्नेह सदा समय समय पर प्राप्त होता रहा है। लिखने पढ़ने के कारण उनका फोन भिन्न भिन्न विषयों पर आ जाता था।
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा पूज्य गुरुदेव के जन्मोत्सव पर 2018/19 में उनका आगमन अयोध्या जी में लंबे कालखंड के बाद हुआ था। महंत कौशल किशोर दास महाराज ने कहा आचार्य जी सदैव अयोध्या सहित देश भर में मंदिर आंदोलन को गति देने के लिये तैयार हो जाते थे।
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