काशीपुर: काव्य संध्या में नमन मेरा है बहनों को जिन्होंने राखियां खोई ने बटोरी तालियां

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काशीपुर, अमृत विचार। साहित्य दर्पण की मासिक काव्य संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने शानदार रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अग्रवाल सभा में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। ओज कवि अनिल सारस्वत ने अपनी रचना में कहा कि नमन मेरा है बहनों को जिन्होंने राखियां खोई …

काशीपुर, अमृत विचार। साहित्य दर्पण की मासिक काव्य संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने शानदार रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अग्रवाल सभा में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

ओज कवि अनिल सारस्वत ने अपनी रचना में कहा कि नमन मेरा है बहनों को जिन्होंने राखियां खोई नमन मेरा है भाई को जिन्होंने मस्तियां खोई, कवि जितेंद्र कुमार कटियार ने उसके बिना मन की प्यास बुझती ही नहीं, कैलाश चंद्र यादव ने जाने जां दूर से आवाज मुझे और न दे, शेष कुमार सितारा ने मेरी एक कलम ने देखो कितने गीतों को लिख डाला, डॉ. मनोज आर्य ने अजनबी हम गांव में अपने नजर आने लगे बेअदब हमको हमारा फर्ज समझाने लगे, कवि सुरेंद्र अग्रवाल ने मां तेरी ममता से बढ़कर दुनिया में कुछ भी नहीं है, कवि शकुन सक्सेना राही ने बड़ी मुश्किल से संभाला गया है मुझको, अनुराग चौधरी ने तजुर्बा तो बहुत हुआ जिंदगी का मगर कमबख्त मीठे लफ्ज मार डालते हैं।

डॉ. सुरेंद्र मधुर ने अपने तो है मगर विश्वास नहीं दिल तो है मगर एहसास नहीं, डॉ. संतोष कुमार पंत ने न जाति का मुझे नाम दो, ना धर्म की पहचान दो, मैं शिशु मुझको शिशु बस शिशु का नाम दो आदि कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. महेंद्र जोशी, राम प्रसाद अनुरागी,कवयित्री डॉ. विनीता कुशवाहा, कवियत्री मंजुल मिश्रा कवियों ने भी कविताएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान कवियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वीरेंद्र कुमार मिश्रा, संचालन मुनेश कुमार शर्मा ने किया। वहां पर साहित्य दर्पण अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कटियार, अभय कटियार, विश्वास कुशवाहा, कमल कुमार, आरती कुशवाहा, विनीता कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।

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