ICC Rules Changes : एक अक्टूबर से बदल जाएंगे क्रिकेट के ये नियम, आईसीसी ने किया ऐलान
नई दिल्ली। गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्थायी करते हुए खेल के नियमों में कुछ और बदलाव किए हैं। ये बदलाव एक अक्टूबर से प्रभावी होंगे। क्रिकेट की वैश्विक संचालन संस्था ने गेंदबाजों के छोर पर ‘नॉन-स्ट्राइकर’ के रन आउट करने को ‘ …
नई दिल्ली। गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्थायी करते हुए खेल के नियमों में कुछ और बदलाव किए हैं। ये बदलाव एक अक्टूबर से प्रभावी होंगे। क्रिकेट की वैश्विक संचालन संस्था ने गेंदबाजों के छोर पर ‘नॉन-स्ट्राइकर’ के रन आउट करने को ‘ अनुचित खेल’ के वर्ग से हटाकर ‘रन आउट’ वर्ग में रख दिया है।
भारत के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली की अगुवाई वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने इन बदलावों की सिफारिश की थी, जिसकी घोषणा इसकी मुख्य कार्यकारी समिति (सीईसी) ने की। नए नियम एक अक्टूबर 2022 से लागू होंगे, जिसका मतलब है कि अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में होने वाला आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप इन नए नियमों के आधार पर खेला जाएगा।
A host of important changes to the Playing Conditions that come into effect at the start of next month ?https://t.co/4KPW2mQE2U
— ICC (@ICC) September 20, 2022
नए नियम क्या हैं?
कैच आउट नियम
इस नियम के तहत जब भी कोई बल्लेबाज कैच आउट होगा, तो नया बल्लेबाज स्ट्राइक पर ही खेलने आएगा। आउट होने वाले प्लेयर के क्रीज बदलने या नहीं बदलने से इस पर कोई असर नहीं होगा। इससे पहले नियम था कि यदि बल्लेबाज कैच आउट होने से पहले स्ट्राइक चेंज करता है, तो नया बल्लेबाज नॉन स्ट्राइक पर आता था, लेकिन ऐसा अब नहीं होगा।
लार पर परमानेंट बैन
कोरोना महामारी के कारण 2020 के शुरुआत से ही क्रिकेट पर असर पड़ना शुरू हो गया था। इसके बाद लॉकडाउन के साथ ही क्रिकेट को भी पूरी दुनिया में बंद कर दिया गया था। फिर खेल को दोबारा शुरू करने के लिए कुछ नए नियम बनाए थे। तब लार के इस्तेमाल को अस्थायी तौर पर बैन कर दिया था। मगर अब लार को परमानेंट बैन कर दिया गया है।
स्ट्राइक लेने का टाइम तय किया गया
किसी खिलाड़ी के आउट होने के बाद जब नया बैटर स्ट्राइक पर आता है, तो उसे टेस्ट और वनडे में 2 मिनट के अंदर स्ट्राइक पर आना होगा। टी 20 इंटरनेशनल में यह समय 90 सेकंड का निर्धारित किया गया है। यदि नया बैटर टाइम पर नहीं आता है, तो फील्डिंग टीम का कप्तान टाउम आउट की अपील कर सकता है।
स्ट्राइकर (बैटर) के बॉल खेलने का अधिकार
खेलते समय बल्ले या बैटर को पिच के अंदर ही होना चाहिए। यदि बैटर पिच से बाहर आकर खेलने को मजबूर होता है, तो अंपायर कॉल होगा कि वह उसे डेड बॉल करार दे। यदि कोई बॉल बैटर को पिच से बाहर आने पर मजबूर करती है, तो अंपायर इसे नोबॉल करार देगा।
फील्डिंग टीम की तरफ से गलत व्यवहार
यदि बॉलर गेंदबाजी के दौरान (रनअप) कुछ अनुचित व्यवहार या जानबूझकर कुछ गलत मूवमेंट करता है, तो अंपायर इस पर एक्शन ले सकता है। पेनल्टी लगाते हुए बैटिंग टीम के खाते मे पांच रन भी जोड़ सकता है। साथ ही अंपायर इसे डेड बॉल भी करार देगा।
नॉन-स्ट्राइकर का रनआउट होना
यदि कोई नॉन-स्ट्राइकर गेंदबाज के बॉल डालने से पहले क्रीज से बाहर निकलता है, तब गेंदबाज यदि उस बैटर को रनआउट करता है, तो इसे पहले ‘अनफेयर प्ले’ माना जाता था, लेकिन अब इसे रनआउट ही कहा जाएगा।
- पहले नियम था कि अगर कोई बल्लेबाज गेंद खेलने से पहले ही क्रीज से बाहर आ जाता है तो गेंदबाज थ्रो करके उसे रन आउट कर सकता था, लेकिन अब यह नियम हटा दिया गया है। ऐसा करने पर वह गेंद नो बॉल करार दी जाएगी।
- कोई गेंदबाज बॉल डालने के लिए रनअप लेता है और डिलेवरी स्ट्राइड में आने से पहले देखता है कि बैटर क्रीज से ज्यादा आगे आ गया है। तब बॉलर आउट करने के इरादे से स्ट्राइकर की ओर बॉल थ्रो करता है, तो इसे डेड बॉल करार दिया जाएगा।
- जनवरी 2022 में टी20 इंटरनेशनल में लागू किया गया इन-मैच पेनल्टी नियम अब वनडे फॉर्मेट में भी अपनाया जाएगा। यह नियम 2023 में पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप सुपर लीग के खत्म होने के बाद लागू होगा।
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