मुरादाबाद : 88.5 करोड़ से 109 किमी विद्युत लाइनें होगी भूमिगत, तीन अक्टूबर को जारी किया जाएगा टेंडर

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मुरादाबाद,अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में हो रहे विकास कार्यों में बाधक बनीं बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इसके तहत इंपीरियल तिराहे से दिल्ली रोड व रामपुर रोड तक 109 किलोमीटर की लाइनों को चिह्नित किया गया है। इसमें बुध बाजार रोड, हैलेट रोड, गुरहट्टी, चक्कर की मिलक, जैन चौराहा, महिला …

मुरादाबाद,अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में हो रहे विकास कार्यों में बाधक बनीं बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इसके तहत इंपीरियल तिराहे से दिल्ली रोड व रामपुर रोड तक 109 किलोमीटर की लाइनों को चिह्नित किया गया है। इसमें बुध बाजार रोड, हैलेट रोड, गुरहट्टी, चक्कर की मिलक, जैन चौराहा, महिला थाना, आवास विकास, बुद्धि विहार, लालबाग, रामेश्वर कालोनी, मानसरोवर कालोनी, मिलन विहार, गागन समेत 73 स्थान शामिल हैं। इस काम पर 88.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

बिजली की लाइनों को रीवैंप योजना (रूरल इकोनामिक वैल्यू एडेड मॉनीटरिंग प्रोग्राम) के अंतर्गत भूमिगत किया जाएगा। यह कार्य स्मार्ट सिटी के तहत होगा। इसके लिए वेब पॉश कंपनी को परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता (पीएमसी) का कार्य सौंपा गया है। कंपनी ने सर्वे पूरा करके डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) सौंप दी है।

शहर के कई क्षेत्रों में बिजली तारों का जाल बेतरतीब फैला हुआ है। कई स्थानों पर लोगों ने हाइटेंशन लाइनों के नीचे मकान बना रखे हैं। विकास कार्यों के दौरान सड़कें ऊंची होने से बिजली की लाइनें काफी नीचे आ गई हैं। इसके चलते हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है। नीचे झूलती लाइनों के करंट की चपेट में आकर कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जबकि कई स्थानों पर नीचे झूलती बिजली की लाइनें विकास कार्यों में बाधक बन रही हैं। बिजली की लाइनों की वजह से गोविंदनगर फुट ओवरब्रिज और सोनकपुर ओवरब्रिज का काम कई महीने तक रुका रहा। ऐसे में लाइनों के भूमिगत होने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार विद्युत वितरण प्रणाली का कायाकल्प करने के उद्देश्य से रीवैंप योजना लाई है। इसी के तहत शहर में यह सर्वे कराया जा रहा है।

मुख्य अभियंता नीरज स्वरूप ने बताया कि इसके लिए तीन अक्टूबर को टेंडर निकाले जाएंगे। टेंडर पास होने पर कार्यदायी संस्था को पूरा काम सौंप दिया जाएगा। बिजली की लाइनों को भूमिगत करने का काम जून 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 33केवी, 11 केवी और एलटी लाइनों के लिए भूमिगत प्रणाली शुरू होने के बाद शहर में लाइन लॉस भी काफी कम हो जाएगा। इससे एक ओर जहां विभाग का राजस्व बढ़ेगा तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

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