बरेली: मेयर बोले- 15 दिन बाजार बंदी का फैसला सही

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बरेली,अमृत विचार। कोरोना संकट के चलते शहर के बाजार को खोले ले रखने या 15 दिन के लिए बंद करने को लेकर व्यापारी संगठनों के गुटों में खींचतान शनिवार को भी जारी रही। इस मामले में कोई निर्णय जिलाधिकारी को लेना है, लेकिन प्रशासन ने अभी चुप्पी साध रखी है। वहीं, 7 जुलाई से 15 …

बरेली,अमृत विचार। कोरोना संकट के चलते शहर के बाजार को खोले ले रखने या 15 दिन के लिए बंद करने को लेकर व्यापारी संगठनों के गुटों में खींचतान शनिवार को भी जारी रही। इस मामले में कोई निर्णय जिलाधिकारी को लेना है, लेकिन प्रशासन ने अभी चुप्पी साध रखी है।

वहीं, 7 जुलाई से 15 दिन के लिए बाजार बंद करने का निर्णय ले चुके संयुक्त व्यापार मंडल और उसके समर्थक व्यापारी संगठनों ने शनिवार को दोपहर में शहर विधायक डा. अरूण कुमार से मुलाकात की और बाजार बंदी की जिलाधिकारी से पैरवी करने की बात कही। इस पर शहर विधायक ने जिलाधिकारी को निर्णय लिए जाने को पत्र लिखा।

इसके बाद संयुक्त व्यपार मंडल के शोभित सक्सेना, विशाल महरोत्रा आदि व्यापारी मेयर डा. उमेश गौतम से मिले और बाजार बंदी के लिए जिला प्रशासन से पैरवी करने की मांग की। मेयर ने अपनी सहमति व्यक्त की। कहा कि 15 दिन बाजार बंद किया जाना जनहित में है इसमें किसी तरह की राजननीति नहीं होनी चाहिए। वह डीएम से वार्ता करके इसका अनुरोध करेंगे। जरूरत पड़़ी तो लखनऊ भी बात करेंगे।

उधर, उप्र उद्योग व्यापार मंडल लगातार बाजार खोलने पर अड़ा है। अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि उनके संगठन से जुड़े सभी व्यापारियों संगठन चाहते हैं कि बाजार बंद ना हो, इससे व्यापारी वर्ग का ही नहीं आम लोगों का भी नुकसान है। अनलॉक में जब सब कुछ खुल रहा है तो दुकानें भी खोली जानी चाहिए। इसमें व्यापारियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। दो प्रमुख व्यापारी संगठनों के इस मुद्दे पर आमने सामने आने के बाद शहर भर के व्यापारियों के बीच भी समर्थन और विरोध की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

“बाजार खोले जाने को लेकर व्यापार मंडल को व्यापारियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। सभी व्यापारी संगठन चाहते हैं कि बाजार बंद न हो, इससे व्यापारी वर्ग ही नहीं आम लोगों को नुकसान है। संगठन का फैसला जनहित को लेकर लिया गया है। इसे नहीं बदला जाएगा।” -राजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार मंडल

“अभी भी कारोबार पटरी पर नहीं आ सका है। व्यापारिक संगठन सिर्फ अपना हित देख रहे हैं। व्यापारी सिर्फ वही होता है, जो व्यापार के हित की बात करता है। डीएम से अनुरोध है कि दुकानें बंद करने का समय घटा दें, लेकिन दुकानें पूरे दिन खोलने की अनुमति दे दी जाए।” -गुलशन सब्बरवाल, अध्यक्ष, थोक किराना कमेटी

सोशल मीडिया पर भी जारी रही बहस
स्वैच्छिक बाजार बंदी को लेकर व्यापारिक संगठनों के दो गुट में वर्चस्व की जंग शनिवार को भी सोशल मीडिया पर जारी रही। तमाम व्यापारिक संगठनों ने फेसबुक, व्हट्सएप पर इसको लेकर पोस्ट डाले। बहुत से व्यापारियों ने डाली गईं पोस्ट का समर्थन करते हुए कोरोना की चेन तोड़ने में 15 दिन बाजार बंद रहने का फैसला ठीक बताया। तमाम व्यापारी इसके विरोध करते दिखे। इतना ही नहीं तमाम व्यापारियों ने तो संगठन के समर्थन में वीडियो बनाकर पोस्ट की।

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