बहराइच: चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज के फाटक में फंसा था दुर्लभ प्रजाति का सांभर, सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने किया रेस्क्यू

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बहराइच। सुजौली में स्थित चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज पर आज सुबह 5 बजे कैलाशपुरी व उसके आसपास के लोग बैराज पर घूमने आए थे। तभी उनकी नजर बैराज के गेट संख्या 5 पर पड़ी जिसमे कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र का एक दुर्लभ प्रजाति का सांभर फंसा दिखाई दिया। जो पिछले कई घंटों से जिंदगी …

बहराइच। सुजौली में स्थित चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज पर आज सुबह 5 बजे कैलाशपुरी व उसके आसपास के लोग बैराज पर घूमने आए थे। तभी उनकी नजर बैराज के गेट संख्या 5 पर पड़ी जिसमे कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र का एक दुर्लभ प्रजाति का सांभर फंसा दिखाई दिया। जो पिछले कई घंटों से जिंदगी व मौत से जूझ रहा था। लोगों ने इसकी सूचना सदर बीट इंचार्ज व वन रक्षक आनंद लाल को दी।

वन रक्षक आनंद लाल, बैरियर आपरेटर शिवकुमार,वाचर विनोद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से तक़रीबन तीन घंटे के कड़े रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। वन विभाग ने बताया कि सांभर नर है। बताया जा रहा है कि बीती रात से तेज़ बारिश के बाद यह कौड़ियाला नदी के तेज बहाव में बहकर आया था। जो बैराज में आकर फंस गया।

गौरतलब हो कि बीते दो माह में इससे पहले बाघ,घड़ियाल व सांभर सहित कई वन्य जीव आये दिन कौड़ियाला व घाघरा नदी के तेज बहाव में बह जाते है। घटना की सूचना पर पहुंचे कतर्नियाघाट वन क्षेत्राअधिकारी विजय कुमार मिश्रा ने बताया सांभर को सुरक्षित बैराज से निकाल लिया गया है। जिसे सुरक्षित ट्रांसगेरुआ के घने जंगलों में छोड़ दिया गया है। मौके पर वन दरोगा मयंक पांडेय मोजूद रहे।

सूझबूझ से सुरक्षित निकाला गया सांभर
बैराज के गेट में फंसा सांभर वन रक्षक आनंद लाल की सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिन्होंने समय रहते ग्रामीणों की मदद से उसे देखा। इसके बाद उसे बाहर निकाला।

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