बरेली: उर्स-ए-रजवी से लौट रहे मुफ्ती-ए-आजम के खलीफा का निधन
बरेली, अमृत विचार। मुफ्ती-ए-आजम हिंद के खलीफा सूफी अब्दुल लतीफ नूरी (67 ) जो हसनपुर जिला बस्ती के रहने वाले थे। उर्स-ए-रजवी में शिरकत करने बरेली आए थे। कुल के बाद शाम को वापिस अपनी खानकाह बस्ती रवाना हुए थे। लखनऊ पहुंचने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी। अलीगंज स्थित अपने मुरीद जाफर अली के निवास …
बरेली, अमृत विचार। मुफ्ती-ए-आजम हिंद के खलीफा सूफी अब्दुल लतीफ नूरी (67 ) जो हसनपुर जिला बस्ती के रहने वाले थे। उर्स-ए-रजवी में शिरकत करने बरेली आए थे। कुल के बाद शाम को वापिस अपनी खानकाह बस्ती रवाना हुए थे। लखनऊ पहुंचने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी।
अलीगंज स्थित अपने मुरीद जाफर अली के निवास पर रात 3 बजकर 30 मिनट पर उनका निधन हो गया। रविवार को बस्ती स्थित खानकाह में जोहर की नमाज के बाद तदफीन किया जाएगा। सूफी अब्दुल लतीफ नूरी 50 साल से लगातार बरेली उर्स-ए-रजवी में शिरकत करने आते रहे हैं। उनका आला हजरत से मोहब्बत का यह आलम था कि वह बरेली की सरजमीन पर कभी जूता या चप्पल नहीं पहनते थे।
सूफी अब्दुल लतीफ के देश भर में हजारों मुरीद थे। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उन्होंने पूरी जिंदगी देश-विदेश का दौरा कर मसलक-ए-आला हजरत के मिशन को बढ़ाने का काम किया। दरगाह सरपरस्त सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन अहसन मियां, मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती अफरोज आलम आदि ने उनके निधन पर गम का इजहार करते हुए खिराज पेश की।
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