अयोध्या: मां के जयकारे व गाजे-बाजे के साथ निकली कलश यात्रा

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अयोध्या, अमृत विचार। शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर रविवार को शक्तिवाहिनी के संयोजन में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सरयू तट से वरुण आह्वान के साथ भव्य कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली गई। मां के जयकारों के साथ शक्ति वाहिनी की अगुवाई में निकली यात्रा सरयू तट से शुरू होकर …

अयोध्या, अमृत विचार। शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर रविवार को शक्तिवाहिनी के संयोजन में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सरयू तट से वरुण आह्वान के साथ भव्य कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली गई। मां के जयकारों के साथ शक्ति वाहिनी की अगुवाई में निकली यात्रा सरयू तट से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई छोटी देवकाली मंदिर पहुंची। यात्रा का संयोजन केंद्रीय दुगार्पूजा व रामलीला समन्वय समिति तथा शक्ति वाहिनी के संयुक्त संयोजन से किया गया।

यात्रा का आचार्य पीठ तिवारी मंदिर के सामने महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने माता की आरती उतारी। उन्होंने बताया कि माता का अनुष्ठान प्रतिपदा को शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। माता रानी के यात्रा का दर्जनों स्थानों पर स्वागत हुआ और लोगों ने पुष्प वर्षा की। केंद्रीय समिति के संयोजक महंत धनुषधारी शुक्ला ने बताया कि पिछले 23 वर्षों से यह यात्रा अनवरत नवरात्रि के पूर्व संध्या पर निकाली जाती है।

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अध्यक्ष रमापति पांडे ने बताया कलश यात्रा सनातन परंपरा का एक अंग है जिसमें कोई अनुष्ठान प्रारंभ करने से पहले हम किसी पवित्र नदी से जल भरते है। शक्ति वाहिनी प्रमुख बिंदु सिंह ने बताया कि बड़े ही उत्साह के साथ माताएं बहने माता की कलश यात्रा में शामिल होती हैं और यही कलश स्थापित करके 9 दिन तक पूजा करती हैं।

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