NASA के खाते में एक और बड़ी कामयाबी, दुनिया के पहले प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट में ऐस्टेरॉयड से टकराया डार्ट स्पेसक्राफ्ट
वॉशिंगटन। दुनिया के पहले प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट (पृथ्वी को ऐस्टेरॉयड या कॉमेट के संभावित खतरों से बचाने वाला) में The National Aeronautics and Space Administration (NASA) का ‘डबल ऐस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट’ (डार्ट) स्पेसक्राफ्ट मंगलवार को जानबूझकर ऐस्टेरॉयड से टकराने में सफल रहा। इस मिशन का उद्देश्य 530-फीट व्यास वाले ऐस्टेरॉयड के ट्रजेक्टरी में बदलाव लाना …
वॉशिंगटन। दुनिया के पहले प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट (पृथ्वी को ऐस्टेरॉयड या कॉमेट के संभावित खतरों से बचाने वाला) में The National Aeronautics and Space Administration (NASA) का ‘डबल ऐस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट’ (डार्ट) स्पेसक्राफ्ट मंगलवार को जानबूझकर ऐस्टेरॉयड से टकराने में सफल रहा। इस मिशन का उद्देश्य 530-फीट व्यास वाले ऐस्टेरॉयड के ट्रजेक्टरी में बदलाव लाना था। पृथ्वी से 1.1 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर यह घटना हुई। नासा ने पहली बार किसी प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट यानी डार्ट मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। अब भविष्य में धरती के ऊपर अगर किसी तरह के एस्टेरॉयड को टकराने की आशंका होती है, तो इस टेक्नोलॉजी से पृथ्वी को बचाया जा सकता है।
IMPACT SUCCESS! Watch from #DARTMIssion’s DRACO Camera, as the vending machine-sized spacecraft successfully collides with asteroid Dimorphos, which is the size of a football stadium and poses no threat to Earth. pic.twitter.com/7bXipPkjWD
— NASA (@NASA) September 26, 2022
नासा का $308 मिलियन (₹25 अरब) का डार्ट स्पेसक्राफ्ट 27 सितंबर की सुबह 4.45 मिनट पर एस्टेरॉयड से टकराया। इस कामयाबी का भविष्य में इस तरह से फायदा होगा कि अब अगर धरती के ऊपर किसी तरह के एस्टेरॉयड के टकराने की संभावना बनती है तो इस तकनीक के जरिए पृथ्वी को बचाया जा सकेगा।
Live: Hear from NASA and @JHUAPL senior leaders following #DARTMission’s successful impact with non-hazardous asteroid Dimorphos. Tune in: https://t.co/dpjXzNMv06
— NASA (@NASA) September 27, 2022
डार्ट मिशन भारतीय समयानुसार आज मंगलवार तड़के सुबह करीब 4.45 मिनट पर फुटबॉल स्टेडियम जितने बड़े डिडिमोस एस्टेरॉयड के चंद्रमा जैसे पत्थर डाइमॉरफोस से टकराया। टक्कर के बाद डाइमॉरफोस की स्थिति के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। जिस समय नासा का स्पेसक्राफ्ट एस्टेरॉयड से टकराया उस समय उसकी स्पीड 6.6 किमी प्रति सेकंड के करीब थी।
Did you catch the #DARTMission stream live or Didymos it? Impact is over, but the research continues. As scientists delve into data and telescopes release images of the asteroid from their POV, follow @AsteroidWatch and @NASASolarSystem for updates. https://t.co/ZNEYDQVA8Y pic.twitter.com/dn2veS6zbG
— NASA (@NASA) September 27, 2022
हिंद महासागर के ऊपर करीब 70 लाख मील (96 लाख किलोमीटर) दूर यह घटना हुई जहां डार्ट नामक स्पेस यान जिसने 14,000 मील प्रति घंटे (22,500 किलोमीटर प्रति घंटे) की गति से आ रहे एस्टेरॉयड को टक्कर मार दी। वैज्ञानिकों को इस टक्कर से वहां पर एक गड्ढा बनने समेत कई तरह के बदलाव की उम्मीद थी। लेकिन इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई क्योंकि डार्ट का रेडियो सिग्नल अचानक से बंद हो गया। टक्कर के बाद एस्टेरॉयड अब किस दिशा में गया या फिर उसकी स्थिति कैसी है, इस बारे में अगले कुछ दिन या हफ्ते में जानकारी मिल सकती है। करीब 26,475,917,000 रुपए यानी 325 मिलियन डॉलर का यह मिशन अंतरिक्ष में किसी एस्टेरॉयड या किसी अन्य प्राकृतिक वस्तु की स्थिति को स्थानांतरित करने को लेकर यह पहली कोशिश थी।
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