कोल ब्लॉक नीलामी: झारखंड की याचिका पर टली सुनवाई
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कोयला खदानों की नीलामी के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली झारखंड सरकार की याचिका की सुनवाई सोमवार को एक सप्ताह के लिए टाल दी। झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की खंडपीठ के समक्ष …
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कोयला खदानों की नीलामी के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली झारखंड सरकार की याचिका की सुनवाई सोमवार को एक सप्ताह के लिए टाल दी। झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दलील दी।
राज्य सरकार ने रिट याचिका के अलावा संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत एक मूल वाद (ऑरिजिनल सूट) भी दायर किया है और दोनों की सुनवाई एक साथ होनी चाहिए। न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि झारखंड सरकार की ओर से एक पत्र भी भेजा गया है, इस पर सिंघवी ने कहा कि वह पत्र इस बात को इंगित करने के लिए है कि रिट याचिका के साथ-साथ एक मूल वाद भी दायर है, ताकि सुनवाई के दौरान न्यायालय इसका ध्यान रखे। इसके बाद न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाली जाती है।
गौरतलब है कि कोयला ब्लॉकों के वाणिज्यिक खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ झारखंड सरकार ने 18 जून को उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। झारखंड सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने उससे परामर्श के बगैर ही राज्य की कोयला खदानों की नीलामी की एकतरफा घोषणा की है।
