सुभासपा में दो फाड़: महेन्द्र राजभर ने खेला खेल, किया नई पार्टी का गठन

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लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी(सुभासपा) के बागी पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र राजभर ने मंगलवार को नई पार्टी की घोषणा कर दी। महेन्द्र राजभर आज सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा हुए और नई पार्टी ‘सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी’ का एलान किया। महेन्द्र राजभर को जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की अनुमति न मिलने …

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी(सुभासपा) के बागी पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र राजभर ने मंगलवार को नई पार्टी की घोषणा कर दी। महेन्द्र राजभर आज सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा हुए और नई पार्टी ‘सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी’ का एलान किया। महेन्द्र राजभर को जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर ओमप्रकाश राजभर पर आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि 5 सितम्बर, 2022 को महेन्द्र राजभर ने अपने 30 कार्यकर्ताओं के साथ मीडिया के सामने ओपी राजभर की पार्टी का टोपी उतारकर इस्तीफा दिया था। उसके बाद जिले में अलग-अलग स्थानों पर लगभग सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पद से इस्तीफा दियाा। इस मौके पर महेन्द्र राजभर ने ओमप्रकाश राजभर पर परिवारवाद का आरोप लगाया और कहा कि वह राजभरों की कमाई व मेहनत को बेचने का काम करते थे।

कार्यक्रम की अनुमति ना मिलने पर महेन्द्र राजभर ने आरोप लगाया कि ओपी राजभर के दबाव में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने हमारे नए संगठन के गठन को लेकर अनुमति नहीं दिया। इसी वजह से हमारे कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में आज इकट्ठा हुए हैं। बताया कि सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के नाम से हमने पार्टी बना लिया है। ओमप्रकाश राजभर की जमीन खिसक रही है। वह अपने मुद्दे से भटक गए हैं।

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