बिजली मीटर की सिक्योरिटी पर ब्याज की रकम हो वापस: वर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली सिक्योरिटी के नाम पर जमा पैसे पर लगने वाले ब्याज का मुद्दा उठाते हुये विद्युत उपभोक्ता परिषद ने करोड़ों रूपये की इस धनराशि को उपभोक्ताओं को वापस करने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने मंगलवार को इस बावत ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात की और …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली सिक्योरिटी के नाम पर जमा पैसे पर लगने वाले ब्याज का मुद्दा उठाते हुये विद्युत उपभोक्ता परिषद ने करोड़ों रूपये की इस धनराशि को उपभोक्ताओं को वापस करने की मांग की है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने मंगलवार को इस बावत ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात की और बताया कि बिजली कंपनियां विद्युत मीटर की सिक्यूरिटी के एवज में उपभोक्ताओं से जो धनराशि वसूलती है, उससे मिलने वाली ब्याज की रकम पर असली हक उपभोक्ताओं का ही है, इसलिये बगैर देरी करे इस पैसे को उपभोक्ताओं को वापस किया जाना चाहिये।
बिजली मंत्री ने इस बारे में जल्द फैसला लिये जाने का आश्वासन दिया है। वर्मा ने बताया कि बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते पूरे प्रदेश में लगभग 50 लाख विद्युत उपभोक्ताओं की उनकी जमा सिक्योरिटी को या जीरो फीड किया गया है या तो एक पैसा जिसके चलते 50 लाख विद्युत उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी पर ब्याज कई सालो से बिजली विभाग ने नहीं दिया।
जबकि सबको पता है कि कनेक्शन लेते वक्त कनेक्शन फीस में ही उपभोक्ताओ की सिक्योरिटी उनके द्वारा लिए गये भार के मुताबिक जमा करने के बाद ही कनेक्शन मिलता है ऐसे में उनकी जमा सिक्योरिटी को सॉफ्टवेयर सिस्टम में फीड न करना बड़ी अनियमितता है।
उन्होने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की बड़ी चीटिंग से लाखो उपभोक्ताओ का करोड़ों रुपया ब्याज का हड़पा गया जिस पर सरकार को तुरंत कठोर कदम उठाना चाहिए। बिजली कम्पनियाें ने ब्याज पिछले लगभग 5 वर्षो से नहीं दी है यह अवधि बढ़ भी सकती है क्योंकि विद्युत उपभोक्ता अगर शहरी है तो वर्ष 2011 से और यदि ग्रामीण है तो अक्टूबर 2016 से जिनकी सिक्योरिटी जीरो फीड है ब्याज नहीं पाये है।
पूरे मामले को लेकर परिषद् ने पावर कार्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य से मुलाकात की जिन्होंने स्वीकार किया कि 100 करोड़ रूपये या जो उपभोक्ताओ का निकलेगा उन्हे पावर कार्पोरेशन देने के लिए तैयार है। जल्द अंतिम निर्णय लिया जायेगा और उपभोक्ताओ को उनका पूरा ब्याज देने की कार्रवाई शुरू की जायेगी।
