लालू से हाथ मिला कर नीतीश ने तोड़ा निवेशकों का भरोसा- सुशील मोदी

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पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब-जब राज्य में अपहरण- हत्या वाले डरावने दौर के महाबली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से हाथ मिलाया तब-तब निवेशकों का भरोसा टूटा है यह भी पढ़ें- PM मोदी ने विभिन्न …

पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब-जब राज्य में अपहरण- हत्या वाले डरावने दौर के महाबली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से हाथ मिलाया तब-तब निवेशकों का भरोसा टूटा है

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मोदी ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था और उद्यमियों के प्रति शासन के रवैये को लेकर जो भरोसा लालू प्रसाद से हाथ मिलाने से खत्म हुआ, उसे चंद निवेशकों से जबरन हाथ उठवा कर लौटाया नहीं जा सकता। किसकी हिम्मत है कि मुख्यमंत्री के सामने उनके कहने पर हाथ नहीं उठाये।

उन्होंने कहा कि सत्ता का रिमोट कंट्रोल लालू प्रसाद के हाथ जाते ही देश भर के उद्यमियों का वह विश्वास समाप्त हो गया, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के उद्योग मंत्री के रूप में शाहनवाज हुसैन ने बड़ी मेहनत से बनाया था। भाजपा सांसद ने कहा कि वर्ष 2006 में जिन 400 से ज्यादा लोगों ने सरकार में भाजपा के होने पर भरोसा कर बिहार में निवेश किया था, उनका 600 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया नहीं चुकाया गया।

निवेशकों ने सब्सिडी और अनुदान का बकाया पाने के लिए उच्चतम न्यायालय तक कानूनी लड़ी लेकिन अदालत में हार कर भी सरकार ने बकाया नहीं चुकाया।उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार 10 साल में छह बार सरकार बदल चुके हैं तब निवेशक उन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं।

मोदी ने कहा कि जब उद्योग विभाग के बजट में निवेशकों के लिए अनुदान नाम मात्र का है और उसे भी पाने के लिए उच्चतम न्यायालय तक जाने की नौबत आती हो तब सरकार किसी का विश्वास कैसे जीत सकती है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनते ही व्यापारियों से लूटपाट और हत्या की घटनाएं बढीं। बाढ़ के एनटीपीसी परिसर में एक माह के भीतर दो बार फायरिंग की वारदात हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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