हमीरपुर: आत्महत्या को प्रेरित करने में दस वर्ष का कठोर कारावास

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हमीरपुर, अमृत विचार। ललपुरा थानाक्षेत्र के भुजपुर गांव में पड़ोसी युवक की अभद्रता से आहत होकर एक युवकी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता की तहरीर पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश डॉ.अनुपम गोयल ने आरोपी को दस वर्ष का …

हमीरपुर, अमृत विचार। ललपुरा थानाक्षेत्र के भुजपुर गांव में पड़ोसी युवक की अभद्रता से आहत होकर एक युवकी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता की तहरीर पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश डॉ.अनुपम गोयल ने आरोपी को दस वर्ष का कठोर कारावास व एक लाख अर्थदंड की सजा सुनाई।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि 9 फरवरी 2018 की दोपहर करीब तीन बजे गोरेलाल की पुत्री अभिलाषा (19) वासुदेव के दरवाजे में लगे हैंडपंप में पानी भरने गई थी। जहां पहले से जसवंत पुत्र रामकुमार मौजूद था। जिसने युवती से मोबाइल पर बात करने का दबाव बनाया। जब उसने मना किया तो अभद्रता की। जिस पर युवती ने घर आकर पूरी घटना परिजनों को बताई। जिसके बाद जसवंत के घर में उलहना दिया गया। इसके बाद जब गोरेलाल घर में किराना की दुकान में बैठा था। इस दौरान गांव के कल्लू, प्रेमपाल व जगत प्रसाद भी मौजूद थे। तभी शाम करीब 4.30 बजे अभिलाषा ने घटना से क्षुब्ध होकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। जिसकी कानपुर में इलाज के दौरान 14 फरवरी को मौत हो गई।

मृतका के पिता ने 18 फरवरी को जसवंत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश डॉ.अनुपम गोयल ने मुकदमे की सुनवाई में जसवंत को आईपीसी की धारा 306 का दोषी मानते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जिसमें आधी धनराशि मृतका के परिजनों को दी जाएगी।

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