कानपुर हादसा: हर तरफ चीत्कार, बहती रही आंसुओं की धार… कोरथा गांव में दिखा दर्दनाक मंजर
कानपुर। शनिवार रात घाटमपुर साढ़ मार्ग पर क्षतिग्रस्त सड़क पर अनियंत्रित हुई ट्रैक्टर ट्राली के तालाब में पलटने से खंती में डूबकर कोरथा गांव के 26 लोग काल के गाल में समा गए थे। इस हद्यविदारक घटना से गांव में किसी के घर का चिराग बुझा तो किसी ने जीवन संगिनी को खो दिया है। …
कानपुर। शनिवार रात घाटमपुर साढ़ मार्ग पर क्षतिग्रस्त सड़क पर अनियंत्रित हुई ट्रैक्टर ट्राली के तालाब में पलटने से खंती में डूबकर कोरथा गांव के 26 लोग काल के गाल में समा गए थे। इस हद्यविदारक घटना से गांव में किसी के घर का चिराग बुझा तो किसी ने जीवन संगिनी को खो दिया है। उन सभी पर दुखों का पहाड़ टूटा है, जिनका पूरा परिवार हादसे की भेंट चढ़ गया है। गांव में हर ओर चीत्कार की गूंज है और करुण क्रंदन देखने वालों की आंखें नम हो रही हैं। शनिवार देर रात शुरू हुए भीतरगांव सीएचसी में 26 लोगों के पोस्टमार्टम लोगों के कोरथा गांव के मार्ग पर हर दूसरे घर में शवों के रखने के बाद कोहराम मच गया। इस दौरान वहां मौजूद परिजनों व नाते रिश्तेदारों के आंसुओं की धार बहने लगी।
हादसे के बाद थाना प्रभारी समेत चार पीआरवी के सिपाही निलंबित
कानपुर में घाटमपुर क्षेत्र के भीतरगांव के भदेउना गांव के पास शनिवार रात श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी वहीं, जबकि एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में लापरवाही के चलते एडीजी भानू भास्कर ने थाना प्रभारी आनन्द पांडेय समेत पीआरवी के चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना के बाद सही समय में पहुंचने पर पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। वहीं कानपुर आउटर के एसपी टीएस सिंह ने कहा कि जांच चल रही है। अगर कोई और भी दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कोरथा गांव निवासी एक मुंडन संस्कार में उन्नाव बक्सर के चंद्रिका देवी मंदिर में गए हए थे। वहीं, से मुंडन करा कर लौट रहे ट्रैक्टर सवार ट्राली सहित हादसे के बाद खंती पानी भरे में जा गिरे थे। घटना से भयंकर चीख पुकार मच गई थी।
दिल दहलाने वाली है घटना : महाना
ड्योढी घाट पर कोरथा गांव के लोगों के शवों के अंतिम संस्कार के दौरान पहुंचे विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहाकि यह दिल दहला देने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी ऐसी घटनाओं के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं और गले रुंध जाते हैं। कहाकि प्रदेश सरकार पीड़ितों की हर प्रकार से मदद कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही रात से कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, मंत्री अजीत पाल समेत भाजपा के कई नेता और जनप्रतिनिधि मदद में लगे हुए हैं। इतनी बड़ी घटना में मुख्यमंत्री आलाधिकारियों से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
दर्दनाक मंजर : एक साथ उठीं 26 अर्थियां तो रो पड़ा पूरा गांव
अपनों के शवों को गले से लिपटाकर चीख-चीखकर दहाड़ मारकर रोते लोगों का मंजर नर्वल तहसील के गांव कोरथा का था। जहां रविवार की सुबह रोज की तरह नहीं थी। गांव में सिर्फ चीत्कार मची थी। किसी घर में एक लाश रखी तो किसी घर का आंगन छह लाशों पर रो रहा था। हर तरफ से सिर्फ रोने, बिलखने और चिल्लाने की आवाज आ रही थी। क्योंकि किसी ने अपना लाडला खोया था तो कोई अनाथ हो गया था। गांव में एक साथ 26 लोगों की जान गई थी। ये सभी लोग गांव से लगभग ढाई किमी दूर साढ़ के पास मुण्डन से लौट रही ट्रैक्टर ट्राली पलटने के हादसे के शिकार हो गए थे।
बता दें कि गांव के राजू निषाद के बेटे अभि का मुण्डन संस्कार शनिवार को उन्नाव बक्सर चंद्रिका देवी मंदिर में था। मुंडन संस्कार में शामिल होने गांव की करीब 50 से अधिक महिलाएं ट्रैक्टर ट्राली पर बैठकर गई थी। कोरथा गांव के लोगों की मानें तो ट्रैक्टर को खुद राजू चला रहा था। मुंडन संस्कार के बाद शाम को सभी लौट रहे थे। शाम साढ़े सात बजे करीब सड़क किनारे गड्डे में ट्राली पलटने से हादसा हुआ था, जिसमें 26 लोग मौत की गहरी नींद में हमेशा के लिए सो गए थे। इस घटना में करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। जिनका उपचार कानपुर के हैलट अस्पताल में चल रहा है।
वहीं बवाल की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने रात में ही सभी शवों का पोस्टमार्टम भीतरगांव सीएचसी में करा दिया था। इसके बाद रात भर कोरथा गांव में एंबुलेंस और आलाधाकिरयों की गाड़ियां दौड़ती रहीं। सुबह के समय गांव वाले अपनों की अंत्येष्टी के लिए एक-एक करके अर्थियों के लिए टटिया बनाने में जुट गए थे। करीब सुबह छह बजे सभी शवों को एंबलेंस से लाकर एक-एक करके परिवार को सुपुर्द कर दिया गया। 26 शवों को देखते ही लोगों में कोहराम और चीख पुकार मच गई। जिसमें से 13 महिलाओं का अंतिम संस्कार किया गया वहीं 13 बच्चों को दफनाया गया। इस हदयविदारक घटना में कोरथा गांव में निषाद समाज के हर परिवार ने अपने किसी न किसी को खोया था।
शोककुल परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे मंत्री-विधायक
गांव में शवों के साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल व विधायक अभिजीत सिंह सांगा भी पहुंचे। उन लोगों ने एक-एक करके हर शोक संतृप्त परिवार के यहां पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। इसी के साथ उन लोगों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहे थे। मंत्रियों ने सरकार की ओर से पूरी मदद कराने का आश्वासन भी दिया।
प्रशासन ने मुहैया कराई अर्थी और कफन सामग्री
कोरथा में कोहराम मचने के बाद प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। प्रशासन की ओर से ही सभी परिवारों को अर्थी और कफन सामग्री मुहैया कराई गई। हर घर में जाकर प्रशासन के लोगों ने ढांढस बंधाने के साथ परिवार को पूरी सामग्री दी। घटना के बाद कोरथा गांव के लोग इस विभत्स हादसे के बाद टूट गए। जिनकी सहायता प्रशासन ने की।
बवाल को लेकर अलर्ट मोड पर रही पीएसी और पुलिस
शनिवार रात में भीतरगांव के भदेउना गांव के पास हुए हादसे के बाद 26 लोगों की जान जाने के बाद घायलों को भीतरगांव सीएचसी भेजा गया था। जहां पर मृतक के परिजनों ने डाक्टरों के मौजूद न होने पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया था। इसके बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए गांव में सुबह से ही भारी पुलिस फोर्स व पीएसी तैनात रही। प्रशासन की ओर से एडीएम फाइनेंस और पुलिस की ओर से एएसपी जायजा लेते रहे। प्रशासन ने हर घर के पास पुलिस की तैनाती की थी।
खौफनाक : हद्य दहला, कांपी रूह, हर कोई रह गया सन्न
शनिवार रात घाटमपुर में भीतरगांव के भदेउना के पास हुए भीषण हादसे के बाद तालाब से जब क्रेन की मदद से ट्राली को हटाया गया तो, लाशें का मंजर देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों और पुलिस के अधिकारियों की रूह कांप गईं। आंसुओं से भरी आंखों से महिलाएं और पुरुष तालाब में फंसे होने पर चीखपुकार मचाकर मदद री गुहार लगा रहे थे।
लेकिन ज्यादा अंधेरा होने के कारण लोगों की मदद काफी देर से मिली थी। दुर्घटना के बाद मौके पर आसपास गांव के लोगों की भीड़ जमना शुरू हो गई थी। इसके बाद जिससे जैसे भी हुआ उसने मदद करना शुरू कर दिया था। शनिवार रात हादसा इतना विभत्स था कि मदद करने वालों की भी रूह कांप गई। उन लोगों ने अमृत विचार को बताया कि पानी से लबालब खंती में घुसे, तो पैरों से शव टकराए तो वे लोग सहम उठे। कांपते हाथों से ग्रामीण एक-एक करके शवों को तालाब के बाहर लाए।
पल भर की खुशियां मातम मे बदल गईं थीं
साढ़-भीतरगांव मार्ग पर ट्रॉली के तालाब में पलटने से 26 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। मुंडन कराकर खुशियां मनाते हुए घर लौट रहे लोगों पर मौत ऐसी झपटी कि जिसने भी यह खौफनाक मंजर देखा, उसका हृदय दहल गया। मरने वालों में बच्चों की संख्या अधिक थी। छोटे-छोटे बच्चे पानी में खो गए थे, काफी देर बाद उनके शव पानी में मिले। बच्चों की लाश निकाल रहे लोगों की आंखों से आंसू निकलना बंद नहीं हो रहे थे।
मुंह सी दी सांस, ईश्वर से की प्रार्थना
घटना से इतना कोहराम मच गया था कि किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था। एक-एक करके बड़ी ही मशक्कत से लोगों को बाहर निकाला जा रहा था। लोग किसी तरह से जिंदगियां बचाने के लिए जूझते रहे। डूबे लोगों को कोई मुंह से सांस देने में जुटा रहा, तो कोई छाती दबाकर पानी निकालने की कोशिश करता रहा। वहां मौजूद सभी ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे कि किसी तरह से लोगों की जान बच गए।
रो पड़ीं केंद्रीय मंत्री साध्वी, वृद्ध की हालत बिगड़ी
सीएम योगी ने लोगों से अपील करते हुए कहा- ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए करें। मंत्री राकेश सचान गांव में मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी गांव पहुंचीं। एक साथ इतनी लाशों को देखकर वो रो पड़ीं। उन्होंने महिलाओं को ढांढस बंधाया। वहीं, गांव में मातम देखकर बुजुर्ग महिला की हालत बिगड़ गई। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
कोरथा पहुंचकर योगी ने जाने हाल
कानपुर हैलट असपताल में घायलों से हालचाल लेने के बाद सीएम योगी घाटमपुर इलाके के कोरथा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने हादसे में मरने वालों के परिजनों से मुलाकात की। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले गांव से 26 अर्थियां उठ चुकी थीं। 13 बच्चों के शव दफनाए जा चुके थे। जबकि 13 महिलाओं का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं परिजनों से मुलाकात के बाद सीएम योगी रवाना हो गए।
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