Nepal Avalanche Video: नेपाल के मनासलू बेस कैंप हुए तबाह, कैमरे में कैद हुआ भयावह मंजर
काठमांडू। नेपाल के मनासलू बेस कैंप में एक बार फिर भारी हिमस्खलन हुआ। रविवार की सुबह हुई इस प्राकृतिक आपदा से अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बेस कैंप के सूत्रों के मुताबिक, कुछ टेंटों को नष्ट कर दिया गया है। हालांकि इलाके में रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा …
काठमांडू। नेपाल के मनासलू बेस कैंप में एक बार फिर भारी हिमस्खलन हुआ। रविवार की सुबह हुई इस प्राकृतिक आपदा से अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बेस कैंप के सूत्रों के मुताबिक, कुछ टेंटों को नष्ट कर दिया गया है। हालांकि इलाके में रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके लिए हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। पिछले हफ्ते भी यहां भीषण हिमस्खलन हुआ था, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी। एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब मनासलू आधार शिविर के पास भारी हिमस्खलन देखा गया है।
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— Amrit Vichar (@AmritVichar) October 2, 2022
पिछले हफ्ते दो पर्वतारोहियों की मौत
एवरेस्ट पर चढ़ने वाले लोगों के लिए यह बेस कैंप है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 8,163 मीटर है। इस साल नेपाल सरकार ने मनासलू आधार शिविर पर चढ़ने के लिए 400 से अधिक परमिट जारी किए थे। पिछले महीने 26 सितंबर को माउंट मानसलू के बेस कैंप में हिमस्खलन में कम से कम दो पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हो गए थे। हिमस्खलन की घटना मनासलू पर्वत के कैंप IV के ठीक नीचे के मार्ग पर हुई जब पर्वतारोही शिविरों में रसद ला रहे थे। माउंट मनासलू दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी और 5वीं सबसे खतरनाक चोटी माने मानी जाती है। यहां 297 चढ़ाईयों के दौरान 53 पर्वतारोहियों की जान गई है।
क्या होता है हिमस्खलन
जब कोई पहाड़ी या पहाड़ अचानक ढलान की ओर बढ़ने लगता है तो उसे हिमस्खलन कहते हैं। यह अचानक हो सकता है, जैसे अत्यधिक वर्षा या बर्फ गिरने के कारण, या बाहरी स्रोतों जैसे लोगों, जानवरों और भूकंपों के कारण हो सकता है। बड़े हिमस्खलन ज्यादातर खिसकती बर्फ और हवा के कारण होते हैं, और उनके साथ बर्फ, चट्टानों और पेड़ों को स्थानांतरित करने की क्षमता होती है। यह कई कारणों से होता है, जैसे भारी हिमपात, मानवीय गतिविधियों में वृद्धि, हवा की दिशा, खड़ी ढलान, गर्म तापमान, बर्फ की परतें और भूकंप आदि।
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