कन्नौज: अंतर्राज्यीय चंदन तस्कर गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

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अमृत विचार, कन्नौज। एसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर चल रही अपराध व अपराधियों के विरुद्ध अभियान के क्रम में पुलिस को बड़ी सफलता मिली जब अंतर्राज्यीय चंदन तस्कर गिरोह के चार सदस्य हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने इनके पास से करीब 15 क्विंटल चंदन की लकड़ी बरामद करने का दावा किया है जिसकी …

अमृत विचार, कन्नौज। एसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर चल रही अपराध व अपराधियों के विरुद्ध अभियान के क्रम में पुलिस को बड़ी सफलता मिली जब अंतर्राज्यीय चंदन तस्कर गिरोह के चार सदस्य हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने इनके पास से करीब 15 क्विंटल चंदन की लकड़ी बरामद करने का दावा किया है जिसकी कीमत करीबी 75 लाख के करीब है।

पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को जानकारी दी कि रविवार सुबह सूचना मिली थी कि पाल चौराहे के पास डीसीएम खड़ी है जिसमें राजस्थान से चोरी की गई चंदन की लकड़ी व अन्य सामान लदा है। इस पर पुलिस की एसओजी प्रभरी विक्रम सिंह व कोतवाली प्रभारी आलोक कुमार नेतृत्व में एसओजी व पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चार लोगों को मय चंदन की लकड़ी व डीसीएम समेत दबोच लिया।

पूछताछ में अभियुक्तों ने अपने नाम क्रमश: सईद पुत्र जमील अहमद निवासी मो. फजल इमाम थाना व जनपद कन्नौज, असजद पुत्र शाहिद नि. बजरिया शिखाना थाना व जनपद कन्नौज, नौशाद पुत्र रईश नि. ईशापुर थाना कमालगंज जिला फर्रुखाबाद तथा इमरान पुत्र मुन्ने नि. शिखाना थाना व जनपद कन्नौज बताए। इनके पास से पुलिस ने 30 बोरी चंदन वजन करीब 14.80 क्विंटल जिसकी कीमत 75लाख रुपये है बरामद किया। इसके अलावा डीसीएम व पांच मोबाइल बरामद कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसपी के मुताबिक पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका संगठित गैंग है।

असजद व इमरान राजस्थान जाकर चंदन की लकड़ी चोरी करके रख देते हैं। नौशाद के पास डीसीएम है जो वह स्वयं ही चलाता है। वह अन्य माल लादने गुजरात व अन्य प्रांतों में जाता है। उसी माल में छिपाकर तस्करी की लकड़ी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ लाई जाती है। इसके बाद इसे कन्नौज पहुंचाया जाता है। यहीं वह लोग इसका तेल निकालते हैं। इसके बाद बची लकड़ी से पाउडर व इत्र आदि बनाते हैं। यह सारी चीजें यहां अच्छे दाम में बेंच देते हैं। असजद, इमरान व सईद ने अपनी-अपनी कागजी फर्में बना रखीं हैं। इनकी ही आड़ में चंदन की तस्करी की जा रही थी। तस्करी का चंदन कंपनी में पहुंचते ही वे लोग पुराने बील व जीएसटी के आधार पर इसे एक नंबर का साबित कर देते थे। अभियुक्तों पर विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया है।

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