इटावा: फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहे 20 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा में फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी शिक्षकों की नौकरी पाने वाले 20 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बुधवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले अध्यापकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की कार्रवाई युद्ध …
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा में फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी शिक्षकों की नौकरी पाने वाले 20 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बुधवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले अध्यापकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर चल रही है।
जिले में अभी तक 20 अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इटावा में चल रही जांच में अभी तक 15 अध्यापकों के मूल अभिलेखों में गड़बड़ी पाई गई है । जांच में दोषी पाए गए सभी अध्यापकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाये जा चुके है।
सभी अध्यापकों से रिकवरी करवाने के लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। कुमार ने बताया कि एसआईटी की जांच के आधार पर न्यायालय द्वारा प्रदेश में 2823 फर्जी घोषित किये गए थे जिनमे छह अध्यापक जिले के शामिल थे जिसके बाद से सभी अध्यापकों के दस्तावेजों की जांच एसटीएफ के द्वारा की जा रही है।
एसटीएफ के द्वारा जिलास्तरीय जांच में अध्यापकों को दो श्रेणी में रखकर जांच की जा रही है पहली श्रेणी फर्जी और दूसरी श्रेणी टेम्पर्ड जिसके आधार पर सभी के मूल अभिलेखों की जांच की जा रही है। इस जांच में अभी तक नौ अध्यापक और दोषी पाए गए है जिन्हें मिलाकर जिले में फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले अध्यापकों की संख्या 20 हो गयी है।
सभी अध्यापकों के खिलाफ शिक्षा विभाग के द्वारा मुकदमे दर्ज करवाये जा चुके है। इन सभी अध्यापकों के रिकवरी करने के लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल अध्यापको की संख्या 4557 शिक्षामित्रों की संख्या 1244 और अनुदेशको की संख्या 117 है। सभी के दस्तावेजों की जांच की जा रही है
