ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन तेज, 17 साल की निका शकरामी का शव कटी हुई नाक और सिर पर 29 घाव के साथ मिला
तेहरान। ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन और हिंसा जारी है। विरोध प्रदर्शन की अगुआई कर रहीं 17 साल की निका शकरामी की भी हत्या कर दी गई। निका की नाक काट दी गई थी और सिर पर 29 घाव थे। मां-बाप को उसको चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। ईरान प्रशासन ने कहा कि उनकी …
तेहरान। ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन और हिंसा जारी है। विरोध प्रदर्शन की अगुआई कर रहीं 17 साल की निका शकरामी की भी हत्या कर दी गई। निका की नाक काट दी गई थी और सिर पर 29 घाव थे। मां-बाप को उसको चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। ईरान प्रशासन ने कहा कि उनकी बेटी किसी ऊंचाई से गिर गई थी। लेकिन, परिवार वालों का आरोप है कि उन्हें धमकाया गया। कहा गया कि इसके बारे में किसी को कुछ बताना नहीं। इसका अंतिम संस्कार भी अच्छी तरह से नहीं किया गया।
Another horrific loss: Nika Shakarami 17 years old vanished during the #IranProtests. After a week-long search, her family was given the dead body with her nose fully smashed & her skull broken from multiple blows
This is the true face of the Islamic regime in Iran #MahsaAmini pic.twitter.com/TSryGLM9kl
— Emily Schrader – אמילי שריידר امیلی شریدر (@emilykschrader) September 30, 2022
Islamic Republic killing its teenagers for wanting to have a normal life.#NikaShakarami 17, vanished during the #IranProtests. After a week, security forces delivered her dead body with her nose fully smashed and her skull broken from multiple blows.#مهسا_امینی
#نیکا_شاکرمی pic.twitter.com/gCcyMmpNRq— Masih Alinejad ?️ (@AlinejadMasih) September 30, 2022
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिजाब विरोधी प्रदर्शन 164 शहरों तक पहुंच चुके हैं। इनका असर 31 राज्यों में देखा जा रहा है। माहसा की मौत के बाद अब तक 92 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार की मुश्किल यह है कि वो जितना विरोध दबाने की कोशिश कर रही है, ये उतना ही तेजी से फैल रहा है। 17 साल की निका शकरामी की मौत के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया है। दूसरी तरफ, सरकार ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों की धमकी दी है कि अगर उन्होंने विरोध नहीं छोड़ा तो इसके नतीजे भुगतने होंगे।
निका को तेहरान के एक बाजार से मॉरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था तब वो अपने दोस्तों के साथ नारेबाजी कर रही थी। इसके बाद वो पुलिस की गिरफ्तारी से भाग निकली। फरारी के दौरान ही निका ने अपने एक दोस्त को फोन पर बताया कि पुलिस उसका पीछा कर रही है। निका के परिवार को उनकी फिक्र हुई। उन्होंने तेहरान के हर जेल डिटेंशन सेंटर, पुलिस स्टशेन और पब्लिक प्लेसेज पर उन्हें खोजा। उन्हें निका के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
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