बऊआ दुबे ने ही शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा को क्रूरतापूर्ण ढंग से उतारा था मौत के घाट
इटावा। उत्तर प्रदेश में इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया प्रवीन दुबे उर्फ बऊआ ने ही दो/तीन जुलाई की रात कानपुर के बिकरु गांव में बिल्लौर के पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा को क्रूरता से मौत के घाट उतारने की वारदात को अंजाम दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने …
इटावा। उत्तर प्रदेश में इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया प्रवीन दुबे उर्फ बऊआ ने ही दो/तीन जुलाई की रात कानपुर के बिकरु गांव में बिल्लौर के पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा को क्रूरता से मौत के घाट उतारने की वारदात को अंजाम दिया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने क्रूरता के किस्सों को बयान करते हुए आज यहां बताया कि बऊआ उर्फ प्रवीन दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किए गये पांच लाख रुपये के इनामी गैंगेस्टर विकास दुबे के घर के पास में ही बिकरु गॉव में रहता था।
उन्होंने बताया कि कानपुर घटना में इसी शख्स ने सबसे ज्यादा गोलियां चलाई थी। इसके पास से बरामद डबल बैरल गन कानपुर के खूनी कांड में इस्तेमाल की गई थी। यह बदूंक रामू उर्फ रविंद्र कुमार के नाम से दर्ज है। तोमर ने बताया कि बऊआ दुबे ने ही बिल्लौर के शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का पैर काटने की वारदात को अंजाम दिया था।
इस मुठभेड़ के बाद कानपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने आज पूर्वाहन मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मुठभेड में शामिल पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 50 हजार रुपये की इनामी राशि के अलावा 50 हजार कुल एक लाख रूपयें से पुरस्कृत करने की घोषणा की।
