सौहार्द की मिसाल : अवनीश हैं राम और कय्यूम हैं रहमान’
अमृत विचार, पाली /हरदोई । सात समंदर पार परदेस में जब कोई अपना मिल जाता है तो ऐसा लगता है कि बहुत कुछ हासिल हो गया। झारखंड के घने जंगलों में बने मंदिर पर सीआरपीएफ जवान अवनीश कुमार और कय्यूम की मुलाकात हुई। उसी दिन से दोनों इतना घुल-मिल गए कि लगने लगा कि दोनों …
अमृत विचार, पाली /हरदोई । सात समंदर पार परदेस में जब कोई अपना मिल जाता है तो ऐसा लगता है कि बहुत कुछ हासिल हो गया। झारखंड के घने जंगलों में बने मंदिर पर सीआरपीएफ जवान अवनीश कुमार और कय्यूम की मुलाकात हुई। उसी दिन से दोनों इतना घुल-मिल गए कि लगने लगा कि दोनों बिछड़े हुए हो। अवनीश राम और कय्यूम रहमान हो कर असली हिन्दुस्तान की पहचान बन चुके हैं।
बताया गया है कि भरखनी ब्लाक के बाबरपुर गांव निवासी अवनीश कुमार मिश्रा और पाली कस्बे के कय्यूम खान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में तैनात हैं। उन दोनों की तैनाती झारखंड में है। झारखंड के घने जंगलों के बीच बने मंदिर पर अखंड का पाठ चल रहा था।
अवनीश कुमार वहां पहले से ही सारी व्यवस्था देख रहे थे, उसी बीच कय्यूम खान भी वहां पहुंचे और दोनों साथ-साथ मिल कर अखंड पाठ की व्यवस्था को देखने लगे। वहीं पर दोनों ने एक दूसरे का तिलक किया और साथ-साथ राम चरित मानस की चौपाइयों का पाठ शुरू कर दिया।
अवनीश के साथ कय्यूम को अखंड पाठ करते हुए देखने वालों का कहना है कि यही है असली हिन्दुस्तान, अवनीश और कय्यूम को ले कर समूचे इलाके के लोग कह रहे हैं कि धर्म से बड़ा होता है कर्म,अवनीश कुमार और कय्यूम की दोस्ती की गांव के गलियारों और कस्बे की गलियों में चर्चाएं हो रही है।
यह भी पढ़ें:- अयोध्या: सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा जश्न ईद मिलादुन्नबी
