अयोध्या: भगवान राम के आगे नतमस्तक हो गए भरत
अयोध्या। 14 वर्ष के वनवास के उपरांत भरत की प्रतीक्षा समाप्त हुई। जैसे ही प्रभु श्रीराम के चरण उनकी कुटिया के बाहर पड़े। भरत सहित उनके आगमन और दर्शन की प्रतीक्षा को आतुर समस्त अयोध्या भाव विभोर हो गई। सम्पूर्ण रामनगरी के लोगों की आंखें खुशी से भर आईं। भरत तुरंत ही भगवान राम के …
अयोध्या। 14 वर्ष के वनवास के उपरांत भरत की प्रतीक्षा समाप्त हुई। जैसे ही प्रभु श्रीराम के चरण उनकी कुटिया के बाहर पड़े। भरत सहित उनके आगमन और दर्शन की प्रतीक्षा को आतुर समस्त अयोध्या भाव विभोर हो गई। सम्पूर्ण रामनगरी के लोगों की आंखें खुशी से भर आईं। भरत तुरंत ही भगवान राम के दर्शन को दौड़े और उनके चरणों में नतमस्तक हो गए। प्रभु राम ने भरत को गले से लगा लिया। समस्त ऋषि- मुनि, देवता, गंधर्व व अयोध्या वासी जयकार करने लगे। यह दृश्य नगर की विभिन्न रामलीला में भरत मिलाप के कार्यक्रमों में प्रस्तुत किये गये।
लल्ली देवी टकसाल, साहबगंज स्थित श्रीराम जानकी मंदिर व अशोकपुरम जप्ती में रामलीला के दौरान श्रीराम-भरत मिलाप का मंचन किया गया। केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल और केंद्रीय समिति के अन्य पदाधिकारी प्रत्येक रामलीला स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। केंद्रीय समिति अध्यक्ष के साथ केशव बिगुलर, राजेश गौड़, बजरंगी साहू, सुनील मौर्य सहित सभी पदाधिकारियों ने जगह जगह प्रभु श्रीराम की आरती उतारी।
