जमीन के बदले नौकरी घोटाले मामले में लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें, CBI ने 16 लोगों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
पटना। सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी समते 16 अन्य के खिलाफ रेलवे में उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की है। लालू की बेटी मीसा भारती और रेलवे के एक पूर्व महाप्रबंधक को भी …
पटना। सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी समते 16 अन्य के खिलाफ रेलवे में उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की है। लालू की बेटी मीसा भारती और रेलवे के एक पूर्व महाप्रबंधक को भी हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में आरोपित बनाया है। बता दें कि केंद्रीय एजेंसी ने 23 सितंबर, 2021 को रेलवे में जमीन के बदले कथित तौर पर नौकरी देने से संबंधित प्रारंभिक जांच दर्ज की थी, जिसे 18 मई को प्राथमिकी में बदल दिया गया था।
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बता दें कि मामला केंद्रीय रेल मंत्री के रूप में लालू प्रसाद के कार्यकाल के दौरान हुए जमीन के बदले नौकरी संबंधी कथित घोटाले का है। जांच एजेंसी के मुताबिक उम्मीदवारों की ग्रुप डी में नियुक्ति की गई थी। इसके बदले नौकरी पाने वालों ने अपनी या परिवार के सदस्यो की जमीन दी थी।
आरोप है कि यह जमीन राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती के साथ हेमा यादव के नाम पर की गई थी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि पटना में करीब 1.05 लाख वर्ग फुट जमीन लालू परिवार के सदस्यों ने विक्रेताओं को नकद भुगतान कर अधिग्रहित की थी। इसके पहले सुनील सिंह, अशफाक करीम, फैयाज अहमद और विधान परिषद के पूर्व सदस्य सुबोध राय समेत राजद के कई वरिष्ठ नेताओं के परिसरों में छापे मारे जा चुके हैं।
इसी मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो के आफिसर आन स्पेश ड्यूटी (ओएसडी) रहे भोला यादव को जुलाई में सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था। भोला 2005 से 2009 तक लालू के ओएसडी थे। जांच एजेंसी ने पटना से लेकर दरभंगा तक के भोला के ठिकानों पर छापे मारे थे।
उन पर आरोप है कि पटना में कुछ संपत्तियों के मालिकों तथा उनके परिवार के सदस्यों को रेलवे में नौकरी देने के बदले में उनकी संपत्तियों को पूर्व मंत्री के परिवार के सदस्यों को बेच दिया गया या भेंट के तौर पर दिया गया था।
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