‘बाहरी मतदाताओं’ को लेकर सतर्क पाॅलिटिकल पार्टियां, बनाई समिति
श्रीनगर। पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) और अन्य पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर की संशोधित मतदाता सूची में गैर-स्थानीय लोगों की हेरफेर और शामिल करने के किसी भी प्रयास के मुद्दे को लेकर भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। ये भी पढ़ें:- निकाय चुनाव में पिछड़ों के आरक्षण पर अदालत …
श्रीनगर। पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) और अन्य पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर की संशोधित मतदाता सूची में गैर-स्थानीय लोगों की हेरफेर और शामिल करने के किसी भी प्रयास के मुद्दे को लेकर भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है।
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पीएजीडी के प्रवक्ता एम वाई तारिगामी ने शनिवार को बताया कि सांसद एवं न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी 14 सदस्यीय समिति के संयोजक होंगे। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर को जम्मू में डा. फारूख अब्दुल्ला की अध्यक्षता में विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में जम्मू-कश्मीर की संशोधित मतदाता सूची में गैर-स्थानीय को शामिल करने के मुद्दे को लेकर भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया था।
समिति के अन्य सदस्यों में कांग्रेस के रमन बाला, पूर्व सांसद शेख अब्दुल रहमान, नेशनल कांफ्रेंस के रतन लाल गुप्ता, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के महबूब बेग, ए एस रीन पीडीपी, गुलचैन सिंह चरक अध्यक्ष डोगरा सदर सभा, डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के चौधरी लाल सिंह, मनीष साहनी शिवसेना, हरि सिंह सीपीआई (एम), जीएम मिजरब सीपीआई, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुजफ्फर अहमद शाह, आईडीपी के आईडी खुजुरिया और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के एम हुसैन शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी ने पांच सितंबर को मतदाता सूची के संशोधन के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया था कि उन्हें राज्य में रह रहे गैर-स्थानीय लोगों सहित लगभग 25 लाख मतदाताओं की वृद्धि की उम्मीद है।
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