बहराइच: वर्ष 2008 में पयागपुर में रुके थे मुलायम सिंह यादव, झोपड़ी में खाया था खाना

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बहराइच। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से जिले में शोक है। पूर्व मुख्यमंत्री का जनपद से गहरा नाता रहा। वह वर्ष 2008 में पयागपुर के देवग्राम अमदापुर पहुंचे थे। वहां पर झोपडी में खाना खाया, इसके बाद एक रात …

बहराइच। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से जिले में शोक है। पूर्व मुख्यमंत्री का जनपद से गहरा नाता रहा। वह वर्ष 2008 में पयागपुर के देवग्राम अमदापुर पहुंचे थे। वहां पर झोपडी में खाना खाया, इसके बाद एक रात वहीं पर बिताया। जिस दिन पूर्व मुख्यमंत्री पयागपुर पहुंचे, उसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री के चंद्रषेखर के मेमोरियल का उद्घाटन किया था।

सपा संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव 22 अगस्त को तबियत खराब होने पर मेंदाता अस्पताल में भर्ती हुए थे। सोमवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर पूर्व मुख्यमंत्री ने अंतिम सांस ली। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर जिलेवासियों में शोक है। जिले के पयागपुर विकास खंड अंतर्गत देवग्राम अमदापुर में पूर्व मुख्यमंत्री 7 जनवरी 2008 को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के मेमोरियल का लोकार्पण करने पहुंचे थे।

भारत यात्रा ट्रस्ट के सदस्य सूर्य कुमार ने बताया कि शर्त के अनुसार मुलायम सिंह देवग्राम पहुंचे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के मेमोरियल का लोकार्पण किया। इसके बाद झोपड़ी में ही खाना खाया। इसके बाद झोपड़ी में ही रात बिताई। मुलायम की सादगी के क्षेत्र के लोग भी कायल हो गए। देवग्राम के अध्यक्ष सूर्य कुमार ने बताया कि आम लोगों की तरह झोपड़ी में खाना खाने के बाद वह सुबह उठकर चले गए।

उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम के प्रेम व्यवहार को देखकर वह स्वयं अपने सैकडों समर्थकों के साथ 18 मार्च 2008 को लखनउ में अपनी पार्टी का विलय कर दिया था। बन सकते थे सांसद और विधायक देवग्राम अमदापुर के अध्यक्ष सूर्य कुमार ने बताया कि 18 मार्च 2008 को पार्टी के विलय के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने मंच से कहा कि आप लोग मेरे पार्टी में आ जाते तो अब तक सांसद और विधायक बन जाते, इस पर सूर्य कुमार ने कहा कि जिसके साथ रहो, उसके साथ जीवन भर रहो। इसके बाद उन्होंने पीठ थपथपाते हुए कहा कि चंद्रषेखर जी के वफादार व्यक्ति हो।

दिल से नहीं निकाल सकते
देवग्राम अमदापुर के अध्यक्ष सूर्य कुमार ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से अच्छी दोस्ती थी। वर्ष 1952 में जब पार्टी अलग हुई तो वह चंद्रशेखर जी के साथ थे। पूर्व मुख्यमंत्री के कमरे में पूर्व प्रधानमंत्री के फोटो लगे थे, उस समय कार्यकर्ताओं ने फोटो बाहर फेंक दिया था। जिस पर मुलायम सिंह जी ने डांटते हुए कहा कि जो दिल में है उसे कैसे निकाल सकते हो। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री के सभी फोटो अपने कमरे में लगवा दिया।

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