बरेली: लॉकडाउन में सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
बरेली,अमृत विचार। इस बार लगाया गया लाकडाउन पूरी तरह से कामयाब रहा। न तो पुलिस को लाठी-डंडे चलाने पड़े, न ही चालान करने पड़े, लोग घरों से नहीं निकले। हालात यह रहे कि शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से शाम तक कुछ ही लोग सड़कों पर नजर आ रहे थे। …
बरेली,अमृत विचार। इस बार लगाया गया लाकडाउन पूरी तरह से कामयाब रहा। न तो पुलिस को लाठी-डंडे चलाने पड़े, न ही चालान करने पड़े, लोग घरों से नहीं निकले। हालात यह रहे कि शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से शाम तक कुछ ही लोग सड़कों पर नजर आ रहे थे। वे भी किसी न किसी जरूरी काम ही घर से बाहर निकले थे। बाकी समय एंबुलेंस, पुलिस की गाड़ियां ही सड़क पर नजर आई।
हालांकि गली-मोहल्लों में जरूर लोग घूमते दिखे। ऐसे में, तीन दिवसीय लाकडाउन का पहला दिन सफल रहा लेकिन यह सफलता पुलिस से ज्यादा कोरोना के खौफ की थी। लगातार बढ़ते संक्रमण के मामलों ने लोगों को घरों में ही रहने को विवश कर दिया है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 10 जुलाई की रात 10 बजे से 13 जुलाई तक लाकडाउन की घोषणा की है। चूंकि घोषणा एक दिन पहले ही कर दी गई थी इसलिए लोगों ने जरूरी सामान समय रहते खरीद कर रख लिया। सब्जी राशन आदि लोगों ने एक दिन पहले ही खरीद कर रख लिया।
शनिवार को सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। शहर के व्यस्तम चौपुला, अय्यूब खां, कुतुबखाना, सेटेलाइट चौराहे पर सन्नाटा पसरा रहा। चौराहों पर केवल पुलिस तैनात थी। सड़क पर इक्का-दुक्का लोग ही आते-जाते दिखे। जब उनसे पूछताछ हुई तब पता चला कि कोई अस्पताल जा रहा है तो कोई दवा लेने घर से निकला है।
बाजार भी पूरी तरह से रहा बंद
शहर के सभी प्रमुख बाजार शनिवार को पूरी तरह से बंद रहे। गली-मोहल्लों की अधिकांश दुकानें भी नहीं खोली गईं। केवल मेडिकल स्टोर खुले थे। कुछ जगहों पर सब्जी व फल के ठेले जरूर दिखे। लेकिन आम दिनों की अपेक्षा इनकी संख्या बहुत कम थी। कुतुबखाना, श्यामगंज, बड़ा बाजार, कोहाड़ापीर, आलमगीरीगंज आदि इलाकों के बाजार में दुकानें नहीं खुलीं। बंदी पर नजर रखने के लिए इन बाजारों में पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा। शहर के चौराहों पर पुलिस मुस्तैद रही।
रोडवेज, सैटेलाइट, जंक्शन पर भी सन्नाटा
रोडवेज बस स्टैंड पर भी सन्नाटा था। लाकडाउन के कारण रोडवेज बसों को भी नहीं चलाया गया। लोगों को पहले ही पता चल गया था कि लाकडाउन लग रहा है इसलिए यात्री भी रोडवेज बस अड्डों पर नहीं पहुंचे। कुछेक यात्री शुक्रवार की रात को जरूर सेटेलाइट बस अड्डे पर फंस गए थे। लेकिन वह रात में ही प्राइवेट वाहनों से चले गए। इस बीच शनिवार शाम करीब 6 बजे एक ट्रेन जरूर जंक्शन पर आई। ट्रेन से आए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों को जंक्शन के बाहर खड़ा किया गया था। यात्री इन्हीं बसों में बैठकर अपने जिलों को रवाना हो गए।
