बरेली: निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह, 27 अफसर जांचेंगे कितने नाले हुए साफ

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बरेली, अमृत विचार। बारिश में शहर में हुए जलभराव ने निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये नालों की सफाई में खर्च करने की पोल खोल दी है। बिन मौसम हुई चार दिन की बरसात से शहर के हर इलाके में पानी भरा। कुछ जगह तो तीसरे दिन भी पानी भरा रहा। नाला सफाई के कार्य में …

बरेली, अमृत विचार। बारिश में शहर में हुए जलभराव ने निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये नालों की सफाई में खर्च करने की पोल खोल दी है। बिन मौसम हुई चार दिन की बरसात से शहर के हर इलाके में पानी भरा। कुछ जगह तो तीसरे दिन भी पानी भरा रहा। नाला सफाई के कार्य में कितनी पारदर्शिता बरती गई, इसकी जांच निगम के 27 अफसर करेंगे। नगर आयुक्त ने गोद लिए वार्ड के अफसरों को अपने अपने वार्ड में नाला सफाई की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

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नगर आयुक्त ने दो दिन पहले बदायूं रोड के नाले की स्थिति देखी थी। नेकपुर की पार्षद ने भी अपने वार्ड में नालों में सिल्ट जमा होने से पानी नहीं निकलने की बात कही थी। जल निगम द्वारा करेली में बनाए गए नाले के दो चैंबर में जमी भारी सिल्ट भी नगर आयुक्त ने देखी। इसके बाद चीफ इंजीनियर को मुआयना करने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता ने सिल्ट को गोबर बताते हुए पार्षद से कहा था कि इस नाले की सफाई में पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं।

गाजियाबाद की कंपनी ने इसकी सफाई की थी, लेकिन जानकारों का कहना है कि करेली नाले के दो चैंबरों में जमा सिल्ट की तली झाड़ सफाई नहीं की गई। रामपुर गार्डन में नालों और नालियों की भी यही स्थिति रही। यहां की नालियों में अब भी कूड़ा भरा है। सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में भी नाले की सफाई नहीं हुई है। शहर में कई नाले ऐसे हैं, जहां सफाई के नाम पर खेल किया गया है। जल भराव की स्थिति ने इसकी पोल भी खोल दी है।

नगर आयुक्त और एसपी सिटी आवास आसपास हैं। यहां भी भारी जलभराव रहा। आवास के सामने नाला भी है लेकिन इसमें भी सिल्ट जमा होने से पानी आगे नहीं जा पाया और दूसरे दिन भी नाले में पानी ठहरा रहा। यहां सड़क का निर्माण पूर्व नगर आयुक्त ने करवा दिया था। इससे सड़क ऊंची हो गई और सड़क पर भरने वाला पानी नाले में आ गया लेकिन नाला जाम होने से पानी का बहाव तेजी से नहीं हो पाया।

गोद लिए वार्ड के अफसर देंगे नाला सफाई की रिपोर्ट

नगर आयुक्त ने निगम के 27 अफसरों को एक एक वार्ड गोद दिए हैं। अब वही अफसर अपने अपने वार्ड में नाला सफाई की रिपोर्ट नगर आयुक्त को देंगे। नगर आयुक्त के इस निर्देश के बाद उन अफसरों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है जिनके वार्ड में भारी जलभराव हुआ था। सुभाष नगर वार्ड 21 को जेई वीर सिंह पटेल, शांति विहार वार्ड 13 को एई ईश्वर सिंह, मढ़ीनाथ वार्ड 25 को जेई जल अजीत सिंह ने गोद लिया है।

इसके अलावा सौदागरान वार्ड को जेई सुभाष त्रिपाठी, रामपुर बाग वार्ड-35, लेखाधिकारी अनुराग सिंह, हजियापुर वार्ड 15, सहायक लेखाधिकारी हृदय प्रकाश नारायण,सिकलापुर वार्ड 64 को मुख्यनगर लेखा परीक्षक सत्येन्द्र सिंह ने गोद लिया है। इन वार्डों में जलभराव ज्यादा हुआ था।

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