अल्मोड़ा: बेटे को तेंदुए से बचाने को घायल हुए पिता, तेंदुए की तलाश में लगा वन विभाग

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। जब भी कोई विपदा आती है तो हमेशा मां ही ढाल बनती है, ऐसे किस्से कई बार सुनने में आते हैं। लेकिन लमगड़ा ब्लॉक के अंतर्गत रणाऊ गांव में एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने को खुद को मुशीबत में झोंक दिया। रणाऊं गांव निवासी आनंद सिंह बगड़वाल (14) पुत्र …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। जब भी कोई विपदा आती है तो हमेशा मां ही ढाल बनती है, ऐसे किस्से कई बार सुनने में आते हैं। लेकिन लमगड़ा ब्लॉक के अंतर्गत रणाऊ गांव में एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने को खुद को मुशीबत में झोंक दिया।

रणाऊं गांव निवासी आनंद सिंह बगड़वाल (14) पुत्र पान सिंह शाम को अपने घर के आंगन में पालतू मुर्गी को लाने आया था। इसी दौरान आसपास घात लगाकर छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुए ने किशोर के सिर, हाथ और पीठ में पंजे मार दिए। तेंदुए के हमले होने पर बच्चा चिल्लाया को घर के भीतर से पिता पान सिंह दौड़े चले आए। जैसे ही वह बच्चे के पास पहुंचे तो तेंदुआ उन पर भी झपट पड़ा।

तेंदुए के हमले में दोनों घायल हो गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों की भीड़ देखकर तेंदुआ वहां से भाग गया। घायल किशोर को सीएचसी लमगड़ा लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है। आनंद सिंह कक्षा नौवीं का छात्र है। घटना की जानकारी मिलने पर सिविल सोयन वन प्रभाग अल्मोड़ा के डीएफओ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया ग्रामीणों गांवों वालों को सावधानी बरतने को कहा गया है और तेंदुए पर नजर रखी जा रही है।

वन विभाग ने दोनों घायलों को मुआवजा के लिए पांच-पांच हजार रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। रणाऊं के पूर्व प्रधान राम सिंह बगड़वाल ने तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि शाम होते ही तेंदुआ गांव में आ रहा है। इससे अनहोनी का खतरा बना हुआ है। एक माह में तेंदुआ गांव में कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। तेंदुए के हमले में घायल दोनों पिता-पुत्रों को 15-15 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की पांच-पांच हजार की पहली किस्त जारी कर दी है। तेंदुए पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।

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