एसवाईएल पर पंजाब के हितों से समझौता करने के लिए केजरीवाल के दबाव में मुख्यमंत्री: चीमा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया है कि वह सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर पर कल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक में क्या रुख अपनायेंगे। शिअद के अनुसार क्योंकि इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के …

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया है कि वह सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर पर कल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक में क्या रुख अपनायेंगे। शिअद के अनुसार क्योंकि इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के इशारे पर पंजाब के हितों के साथ विश्वासघात करेंगें।

ये भी पढ़ें- एशिया का सबसे बड़ा आईटी हब बनेगा मानेसर: दुष्यंत चौटाला

पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि तथ्य यह है कि मुख्यमंत्री ने पंजाबियों को अपना रुख स्पष्ट नहीं किया और न ही इस मुददे पर मजबूती से एक स्टैंड तय करने के लिए सर्वदलीय बैठक की जिससे संकेत मिलता है कि उन पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, आप पार्टी को हरियाणा की राजनीति में लाभ लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

डॉ चीमा ने मुख्यमंत्री को हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ बैठक में भाग लेने से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए पंजाब के पास देने के लिए न तो पानी की एक भी बूंद है तथा न ही जमीन है। मुख्यमंत्री को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि नदी के पानी पर पंजाब का विशेष अधिकार है और एक गैर रिपेरियन राज्य के रूप में हरियाणा का इस मुद्दे पर कोई अधिकार नहीं है।

डॉ. चीमा ने कहा कि हरियाणा के साथ बातचीत करने से पहले एसवाईएल मुद्दे पर स्पष्ट सार्वजनिक स्टैंड लेना मुख्यमंत्री का दायित्व है, क्योंकि उन्होंने अपने नेता केजरीवाल के सामने खड़े होेने में कमजोरी दिखाई है जो हरियाणा को पानी देने पर तुले हुए हैं। मान ने सार्वजनिक रूप से आप पार्टी के संयोजक के रुख का समर्थन किया है कि पंजाब से हरियाणा के लिए पानी छोड़ा जाना चाहिए। आप पार्टी पहले ही हरियाणा में इस आशय की घोषणा कर चुकी है और इस संदिग्ध उपलब्धि का श्रेय लेने की प्रक्रिया में हैं।

ये भी पढ़ें- उद्धव गुट ने चुनाव चिह्न और नाम को लेकर निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, पक्षपात का लगाया आरोप

 

 

 

संबंधित समाचार