दीपावली के मौके पर बाजारों में व्यापार को लेकर बड़ी चुनौती, जानिए सोने चांदी और मिठाईयों की स्थिति

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। दीपावली और धनतेरस के मौके पर सोने चांदी के आभूषणों के साथ तरह-तरह की मिठाईयों की खरीददारी का एक अपना अलग मजा है। कोरोना संक्रमण काल के बाद इस बार की दीपावली कैसी होगी इस बारे में अमृत विचार ने बाजार की स्थिति का जायजा लिया। कम दामों वाले आभूषणों की बढ़ी डिमांड अमृत …

लखनऊ। दीपावली और धनतेरस के मौके पर सोने चांदी के आभूषणों के साथ तरह-तरह की मिठाईयों की खरीददारी का एक अपना अलग मजा है। कोरोना संक्रमण काल के बाद इस बार की दीपावली कैसी होगी इस बारे में अमृत विचार ने बाजार की स्थिति का जायजा लिया।

कम दामों वाले आभूषणों की बढ़ी डिमांड
अमृत विचार संवाददाता ने महानगर लखनऊ में स्थित ज्वैल पैलेस के मालिक राजीव से बातचीत की। उन्होंने बताया कि देश में नोटबंदी के बाद व्यापार पर असर पड़ा वह धीरे-धीरे संभला ही था कि बीच में दो साल कोरोना ने बर्बाद कर दिए। जिससे कारोबार पहले की तरह से पटरी पर नहीं आ पाया है। वहीं इनके भाई अजय अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मंहगाई के दौरा में कम कीमत वाले अभूषण की मांग ज्यादा है, इसलिए हम कोशिश मे हैं कि कोई ग्राहक उनके यहां से निराश न लौटे। उन्होंने कहा कि बड़े शोरूम देखकर आमजनों को भी ये सोच अपने अंदर से निकालनी होगी यहां सबकुछ मंहगा ही मिलता है।

ज्वैल पैलेस के मालिक राजीव अग्रवाल

इस बार दीपावली में बेहतर बिजनेस की उम्मीद
इसके बाद सोने चांदी से बने आभूषणों की बिक्री को लेकर अमृत विचार ने निशातगंज महानगर स्थित मोहन श्याम कल्यान दास ज्वैलर्स के मालिक अरविंद नाथ रस्तोगी ने बताया कि उनकी दुकान को उनके दादा जी ने मोहन श्याम जी ने 1905 में शुरू की थी, इसके बाद पिता कल्याण दास ने कारवां को आगे बढ़ाया और आज वह खुद दुकान को संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय मंहगाई के चलते व्यापार में बहुत चुनौतियां हैं। लगातार सोने चांदी के दामों में उछाल के बीच हम बिजनेस को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, इस बार उम्मीद है कि अच्छा बिजनेस होगा।

मोहन श्याम कल्याण दास ज्वैलर्स के पाटर्नर नितेश रस्तोगी

मंहगाई ने बिगाड़ा स्वाद, कोरोना के बाद बिक्री चुनौती
वहीं मिठाईयों की स्थिति को लेकर क्लासिक रेस्टोरेंट के मैनेजर मनोज ने बातचीत में बताया कि इस बार उनके यहां से काजू बाइट्स की अधिक डिमांड है, इसकी कीमत प्रति किलो 1450 रुपए है। उन्होंने कहा ये मिठाई ऐसी है कि बिना फ्रिज के ही एक माह तक रखी जा सकती है। खोये की मिठाई की डिमांड लगातार घट रही है। वहीं ड्राईफ्रूट और चाकलेट फ्लेवर के लड्डूओं की भी अधिक डिमांड है। उन्होंने बताया कि कोरोना के बाद सफाई व्यवस्था और ग्राहकों का विश्वास बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा मंहगाई ने भी काफी हद तक स्वाद बिगाड़ा है।

महानगर क्लासिक रेस्टोरेंट के मैनेजर मनोज अग्रवाल ने बढ़ती मंहगाई के बीच मिठाई की कीमतों और गुणवत्ता पर अमृत विचार से अपनी प्रतिक्रिया को साझा किया

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