देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक पुलिस कांस्टेबल सहित पांच सरकारी कर्मचारियों को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बर्खास्त करने का आदेश दिया है। ये भी पढ़ें- तेज प्रताप की एक और भविष्यवाणी, बोले- केंद्र में लहराएगा महागठबंधन का झंडा आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 311 के …

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक पुलिस कांस्टेबल सहित पांच सरकारी कर्मचारियों को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बर्खास्त करने का आदेश दिया है।

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आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 311 के तहत संघ या राज्य के अधीन नागरिक सेवाओं में नियोजित व्यक्ति को बर्खास्त किये जाने का प्रावधान है। इन पांच कर्मचारियों की बर्खास्तगी से पहले भारत के संविधान के इसी अनुच्छेद के प्रावधानों को लागू करते हुए 39 सरकारी अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया था।

बर्खास्त कर्मचारियों में जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहायक विंग में कांस्टेबल तनवीर सलीम डार, ग्रामीण विकास विभाग (पंचायत सचिव) के ग्रामीण स्तर के कार्यकर्ता सैयद इफ्तिखार अंद्राबी, जल शक्ति विभाग, बारामूला में अर्दली सह चौकीदार, इरशाद अहमद खान ,प्रबंधक बारामूला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड अफाक अहमद वानी शामिल हैं। इसके अलावा सहायक लाइनमैन, पीएचई सब डिवीजन हंदवाड़ा अब्दुल मोमिन पीर को बर्खास्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि तनवीर डार हमेशा अलगाववादी और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा रहा है। वह कई आतंकवादी गतिविधियों और आतंकवादी संगठनों के एक सक्रिय कूरियर में शामिल पाया गया है। वह कई प्राथमिकी में शामिल है। वहीं इफ्तिखार अंद्राबी ने लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम किया है। उसके पीओके स्थित आतंकवादियों के साथ घनिष्ठ संबंध है और वह मादक पदार्थो की तस्करी और आतंकी वित्तपोषण में शामिल है । उसे एक डबल एजेंट के रूप में वर्णित किया जा सकता है क्योंकि उसके भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बहुत करीबी संबंध थे।’

प्रवक्ता ने बताया कि इरशाद खान को कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में आतंकवादियों की मदद करने में शामिल पाया गया है। वहीं अफाक वानी एक नार्को आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहा है। उसके पास से बड़ी मात्रा में नकदी और हेरोइन बरामद की गई है। वह नशीली दवाओं की हेरोइन की बिक्री, खरीद, परिवहन और भंडारण में शामिल है।

इसी प्रकार मोमिन पीर नार्को टेरर फाइनेंसिंग में शामिल है और वितरण नेटवर्क का हिस्सा रहा है जिसने आतंकवाद-अलगाववादी अभियानों के व्यापक उद्देश्यों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से 2016 और 2017 में पाकिस्तान का दौरा किया था। उनके कब्जे से हेरोइन की भारी बरामदगी की गई है।

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