बहराइच: जलस्तर कम होने के बाद भी ग्रामीणों की दूर नहीं हो रहीं दुश्वारियां, तटबंध में तेज हुआ कटान

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच। बीते एक सप्ताह से बाढ़ का पानी जमकर तांडव मचा रहा है। धीरे धीरे जलस्तर घटने लगा है, लेकिन दुश्वारियां घटने का नाम नहीं ले रही हैं। अब आलम यह है कि बेलहा बेहरौली तटबंध में रिसाव शुरू हो गया है। ग्रामीण पेड़ की डाल और मिट्टी डालकर रिसाव के साथ कटान रोकने का …

बहराइच। बीते एक सप्ताह से बाढ़ का पानी जमकर तांडव मचा रहा है। धीरे धीरे जलस्तर घटने लगा है, लेकिन दुश्वारियां घटने का नाम नहीं ले रही हैं। अब आलम यह है कि बेलहा बेहरौली तटबंध में रिसाव शुरू हो गया है। ग्रामीण पेड़ की डाल और मिट्टी डालकर रिसाव के साथ कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी भी लगे हैं। लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।

महसी एवं शिवपुर क्षेत्र के करीब 60 गांव भीषण बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे थे।सरयू एवं घाघरा नदी का जल स्तर घटने से गांव में जमा बाढ़ का पानी धीरे धीरे खिसकने लगा था, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली थी।सरयू एवं घाघरा नदी के जल स्तर व बाढ़ के पानी से सुरक्षित गांव को बचाने के लिए बनाया गया बेलहा बहरौली तटबंध में रिसाव एवं कटान तेज होने से एक बार फिर आसपास बसे गांवों के लोगों की धड़कनें तेज कर दी है।

महसी तहसील क्षेत्र के नरोत्तमपुर गांव के पास बना बेलहा बहरौली तटबंध में शनिवार शाम से कटान तेज हो गई।कई करार गिर गई। जिसको देख आसपास के लोग सकते में आ गए।संबंधित विभाग को सूचना दी। देर रात विभाग के कर्मचारियों अधिकारी ने मौके पर पहुंच ग्रामीणों से पेड़ों की डाल कटवाने के बाद कटान वाले स्थान पर डाल दिया। कटान रविवार सुबह से और तेज हो गई स्थानीय लोगों ने विभाग को सूचना दी।

मौके पर क्षेत्रीय लेखपाल छोटेलाल ने पहुंचकर निरीक्षण किया और उच्च स्तरीय अधिकारियों को कटान की सूचना दी।सरयू खंड के अवर अभियंता आशुतोष शर्मा ने बताया कि तटबंध में शाही ने जगह बना ली थी।जिससे मिट्टी नम हो गई हैं।मौके पर पहुंच कर कटान को रोकने के लिए पेड़ों की डाल डाली गई है।भविष्य में नरोत्तमपुर सहित अन्य कई जगह स्लोप पर बोल्डर पीचिंग की परियोजना बनाई जा रही हैं।

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