यूपी पीईटी 2022: लखनऊ में रविवार को भी रही अव्यवस्थायें, कईयों की छूटी परीक्षा, केन्द्रों के निर्धारण में भी अनदेखी, भटकते रहे अभ्यर्थी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में दूसरे दिन रविवार को भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा, कई अभ्यर्थी ऐसे रहे जो परीक्षा केन्द्र खोजते रह गये और उनकी परीक्षा छूट गई। पहली पाली में हजारों अभ्यर्थी समय से केन्द्र पर नहीं पहुंच सके। वही हाल दूसरी पाली में हुआ, …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में दूसरे दिन रविवार को भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा, कई अभ्यर्थी ऐसे रहे जो परीक्षा केन्द्र खोजते रह गये और उनकी परीक्षा छूट गई। पहली पाली में हजारों अभ्यर्थी समय से केन्द्र पर नहीं पहुंच सके। वही हाल दूसरी पाली में हुआ, हालांकि परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों का कहना है कि सभी परीक्षार्थियों को केन्द्र पर समय से प्रवेश दिया गया जो समय से नहीं पहुंचे उन्हें केन्द्र के बाहर रोका गया था। लखनऊ में जो पहली पाली के आकड़े जारी किए गये वह 16 हजार से अधिक है।
इस दौरान अमृत विचार संवाददाता ने परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों से परीक्षा में आये प्रश्नपत्र को लेकर बातचीत की तो किसी ने सवालों को कठिन बताया तो किसी ने बेहद सरल भी बताया। कई अभ्यर्थी ऐसे भी थे जिन्होंने बताया कि पढ़ाई जिसने की होगी उनके लिए पेपर आसान था। हालांकि अभ्यर्थियों का ये भी कहना था कि परीक्षार्थियों की संख्या थी तो एक साथ भी परीक्षार्थियों को नहीं बुलाया जाना चाहिए था। अभ्यार्थियों ने कहा कि केन्द्र निर्धारण में भी नियमों की अनदेखी की गई जिसके चलते उन्हें परेशनियों का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थी अरूण कुमार, सीमा कुशवाहा, अर्चना सिंह, अमृता वर्मा, रोहित त्रिपाठी, ललिता पाण्डेय ने बताया कि करेंट अफेयर्स के सवाल कठिन थे, जबिक गाणित में थोड़ा परेशानी हुई अन्य विषयों के सवाल सरल थे।
दूसरी पाली में पहली से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
लखनऊ में 106 केंन्द्रों पर आयोजित हुई पीईटी परीक्षा के दौरान रविवार को पहली पाली में जितने परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी उससे अधिक दूसरी पाली में भी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि दोनो ही पहली पाली में रजिस्टर्ड अभ्यर्थी 60072 थे, इसमें परीक्षा में 43705 अभ्यर्थी शमिल हुए। वहीं 16367 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 60072 परीक्षार्थी शामिल होने थे, इसमें 16422 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 43650 अभ्यर्थी ही उपस्थित शामिल हुए।
बेटियां हुई सबसे अधिक परेशान
गृह जनपद में परीक्षा केंद्र न बनने से कई महिला अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उनके साथ आये अभिभावकों ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि यदि उनके जिले में ही केन्द्र बना होता तो शायद बेटी को अकेले परीक्षा के लिए जाने देते, अब दूसरे जिले की बात थी उन्हें स्वयं आना पड़ा। कानपुर, बाराबंकी, बस्ती, देवारिया से आये महिला अभ्यर्थियों के अभिभावकों ने परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों को बेकार बताया। उनका कहना था अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
