फर्रुखाबाद: गवाही देने न आने पर डॉक्टर के वेतन निकासी पर लगी रोक
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बदायूं जिले के उझियानी में तैनात डॉक्टर प्रेम शंकर मौर्या के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है। कोर्ट के बार-बार आदेश पर वह गवाही देने पेश नहीं हुए। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नगला नैन निवासी केंद्र पाल ने भोलेपुर निवासी अचलेंद्र, आरती, हरदोई जिले के थाना …
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बदायूं जिले के उझियानी में तैनात डॉक्टर प्रेम शंकर मौर्या के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है। कोर्ट के बार-बार आदेश पर वह गवाही देने पेश नहीं हुए।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नगला नैन निवासी केंद्र पाल ने भोलेपुर निवासी अचलेंद्र, आरती, हरदोई जिले के थाना सांडी के गांव बकरिया निवासी दिनेश, एक युवती व एक अज्ञात के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें केंद्रपाल ने कहा कि 28 नवंबर 2021 को उसके पुत्र रजनेश पाल की सुबह पांच बजे सेड़ापुल पर कथित दुर्घटना में मौत हो गई थी। डॉ प्रेम शंकर मौर्या ने पोस्टमार्टम किया था। हादसे का मुकदमा शाहजहांपुर जिले के थाना अल्लाहगंज में दर्ज कराया था। बाद में पता चला कि उसके पुत्र की मृत्यु दुर्घटना में नहीं हुई। एक षड़यंत्र के तहत उसकी हत्या की गई थी।
इस संबंध में विवेचक को सभी साक्ष्य दिए, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। पुत्र का हरदोई निवासी एक युवती से प्रेम प्रसंग था। इसी कारण पुत्र की हत्या कराई गई थी। पीड़ित के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने डॉक्टर को तलब कर कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सीजेएम ने डॉक्टर को गवाही के लिए तलब किया। वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए।
कोर्ट से डाक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए, फिर भी वह नहीं आए। डॉक्टर वर्तमान में बदायूं के उझियानी में तैनात है। कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर सीजेएम ने गवाही के लिए उपस्थित न होने तक डॉक्टर के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है।
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