खाद न मिलने से नाराज किसानों ने टांडा-बांदा नेशनल हाईवे किया जाम
बांदा, अमृत विचार । खेतों में बुआई का काम शुरू होते ही जनपद में एक बार फिर से खाद का संकट गहराने लगा है। खाद के अभाव में किसानों ने उग्र रूप धारण करना शुरू कर दिया है। इसकी बानगी मंगलवार को उस समय देखने को मिली जब जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में यूरिया …
बांदा, अमृत विचार । खेतों में बुआई का काम शुरू होते ही जनपद में एक बार फिर से खाद का संकट गहराने लगा है। खाद के अभाव में किसानों ने उग्र रूप धारण करना शुरू कर दिया है। इसकी बानगी मंगलवार को उस समय देखने को मिली जब जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में यूरिया खाद लेने को खड़े सैकड़ों महिला-पुरूष किसानों ने मंडी समिति के बाहर टांडा-बांदा नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों का लंबी लाइन से जाम की स्थिति बन गई । सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर एक घंटे बाद जाम खुलवाया।
बारिश के बाद रबी फसलों को डीएपी के साथ यूरिया खाद की बेहद आवश्यकता है, लेकिन किसान को खेतों में डालने के लिए डीएपी नहीं मिल रही है। थोड़ी-बहुत जो खाद केंद्रों में आती है। वह चंद घंटो में ही समाप्त हो जाती है।
मुख्यालय स्थित मंडी समिति में खाद के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। तमाम किसान खाद के लिए कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। खाद न होने की जानकारी मिलते ही किसानों के सब्र का बांध टूट गया। आक्रोशित किसानों ने मंडी समिति के बाहर बांदा-टांडा नेशनल हाइवे पर धरना देकर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाइवे में जाम की स्थिति होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। हाइवे जाम की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। किसानों को हाइवे से हटाने का प्रयास किया। किसान खाद वितरण के बिना हटने को तैयार नहीं हुए। काफी मान-मनौव्वल और खाद वितरण का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित किसानों ने जाम खत्म किया।
ये भी पढ़ें-बरेली: छह महीने में बच्चों को मिलेगा नया विद्यालय, बीडीए शुरू कराएगा स्कूल का निर्माण कार्य
