UPPCB ने जारी किए दिवाली पर पटाखों के प्रयोग को लेकर निर्देश, आप भी जान लीजिए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Uttar Pradesh Pollution Control Board) ने अगले सप्ताह सोमवार को दीपावली के मद्देनजर बारूद एवं पटाखे चलाने को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किये हैं। बोर्ड की ओर से गुरुवार को बताया गया कि ये दिशानिर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जारी किये गये हैं। इसके तहत …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Uttar Pradesh Pollution Control Board) ने अगले सप्ताह सोमवार को दीपावली के मद्देनजर बारूद एवं पटाखे चलाने को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किये हैं। बोर्ड की ओर से गुरुवार को बताया गया कि ये दिशानिर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जारी किये गये हैं। इसके तहत लोगों से कहा गया है कि वे निर्धारित मानक की आवाज वाले पटाखे ही चलायें। अधिक आवाज वाले पटाखों का प्रयोग न करें।

प्रदूषण मानकों के मुताबिक बोर्ड ने 125 डेसीबिल से 145 डेसीबिल तक की आवाज उत्पन्न करने वाले पटाखों को ही दीवाली में चलाने की अनुमति दी है। गौरतलब है कि भारत के मुख्य पर्व दीपावली का उत्सव धनतेरस से ही शुरु हो जाता है। इस वर्ष शनिवार को धनतेरस के मद्देनजर बारुद का प्रयोग शुरु होने से पहले बोर्ड ने ये दिशानिर्देश जारी किये हैं। बोर्ड ने इसके तहत शांत क्षेत्रों में विस्फोट की आवाज वाली बारूद चलाने से बचने के लिये लोगों से कहा है।

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बोर्ड ने शांत क्षेत्र से आशय स्पष्ट करते हुए कहा कि इसके दायरे में शिक्षण संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थल और अस्पताल के अलावा सक्षम प्राधिकारी द्वारा घोषित स्थल से 100 मीटर के घेरे वाले स्थान को शांत क्षेत्र घोषित किया गया है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अभिभावकों से भी अपील की गयी है कि वे अपने बच्चों को प्रदूषण रहित दीवाली मनाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही बोर्ड ने शिक्षण संस्थानों से छात्रों को वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रभावों के बारे में जागरुक करने को कहा है, जिससे वे हरित दीवाली मनाने के लिये प्रेरित हों।

बोर्ड ने बाजार में केवल हरित पटाखों की बिक्री किये जाने और लोगों द्वारा हरित पटाखों का ही प्रयोग करने को कहा है। बोरियम साल्ट रहित पटाखों को हरित बारूद की श्रेणी में रखा गया है। बोर्ड ने हरित पटाखों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही चलाने की अनुमति दी है।

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