लखनऊ: विश्व के 10 देशों के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय का परचम, न्यू एजुकेशन पॉलिसी की हुई तारीफ

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर पूनम टंडन और डॉ. सीमा मिश्रा, को काठमांडू, नेपाल में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग लिया। “विज्ञान और संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए अंतःविषय सहयोग” विषय पर काठमांडू मे “हम्बोल्ट-कोलेग 2022” (केएचके-2022) आयोजित किया गया था। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने की …

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर पूनम टंडन और डॉ. सीमा मिश्रा, को काठमांडू, नेपाल में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग लिया। “विज्ञान और संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए अंतःविषय सहयोग” विषय पर काठमांडू मे “हम्बोल्ट-कोलेग 2022” (केएचके-2022) आयोजित किया गया था। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में अंतःविषय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दक्षिण एशियाई क्षेत्र और शेष दुनिया में हम्बोल्ट फेलो के नेटवर्क का उपयोग करना था।

यह सम्मलेन लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से लागू की गई नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने की दृष्टि से काफी प्रासंगिक है, जो कि लखनऊ विश्वविद्यालय और अन्य विश्वविद्यालयों और दक्षिण एशियाई क्षेत्र, यूरोपीय देशों और अन्य संस्थानों मे विज्ञान और संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर बल प्रदान करता है और एनईपी के उद्देश्यों के अनुरूप हैं। बैठक के मुख्य लक्ष्यों में से एक छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों मे वैश्विक स्तर पर गुणात्मक प्रदर्शन बढाना था ताकि उनकी रुचि के क्षेत्र में काम करने के और अवसरों का पता लगाया जा सके और जो एनईपी का भी प्रमुख हिस्सा है।

इस बैठक को हम्बोल्ट फाउंडेशन, जर्मनी द्वारा आयोजित किया गया था। सम्मेलन में 10 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले दुनिया भर के प्रख्यात वक्ताओं की हिस्सेदारी रही जिनमे- बांग्लादेश, जर्मनी, भारत, मलेशिया, नेपाल और थाईलैंड के वैज्ञानिक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे और अर्जेंटीना, चीन, पाकिस्तान और फिलीपींस से आनलाइन भागीदारी रही।

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