बांदा: नहीं मिली एंबुलेंस, प्रसूता की ई-रिक्शा में हुई डिलीवरी
बांदा, अमृत विचार। दस मिनट में घटनास्थल पर पहुंचने वाली एंबुलेंसों का दावा हवाहवाई होता जा रहा है। अब एंबुलेंस समय से लोगों के यहां तक नहीं पहुंच पातीं। फोन करने के बावजूद एंबुलेंस कर्मियों का यही जवाब होता है कि अभी गाड़ी व्यस्त है। ऐसा ही वाकया शहर के सर्वोदय नगर मुहल्ले में हुआ। …
बांदा, अमृत विचार। दस मिनट में घटनास्थल पर पहुंचने वाली एंबुलेंसों का दावा हवाहवाई होता जा रहा है। अब एंबुलेंस समय से लोगों के यहां तक नहीं पहुंच पातीं। फोन करने के बावजूद एंबुलेंस कर्मियों का यही जवाब होता है कि अभी गाड़ी व्यस्त है। ऐसा ही वाकया शहर के सर्वोदय नगर मुहल्ले में हुआ। एंबुलेंस के न आने से परेशान प्रसूता को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल लाया जा रहा था। रास्ते में ही ई-रिक्शे में महिला ने बच्ची को जन्म दिया। किसी तरह ई-रिक्शा चालक ने महिला को जिला अस्पताल छोड़ा। चिकित्सकों ने उसको भर्ती कर लिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव निवासी अनीता (28) पत्नी अरविंद प्रसव पीड़ा से परेशान थी। गुरुवार की दोपहर परिजनों ने 102 एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। घरवालों का कहना है कि बार-बार फोन करने पर यही बताया जाता था कि अभी गाड़ी व्यस्त है। महुआ से गाड़ी को भेजा जा रहा है। दो घंटा बीत जाने के बाद भी जब एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो परिजन प्रसव पीड़ा से तड़प रही अनीता को ई-रिक्शा में लेकर महिला अस्पताल आ रहे थे, सर्वोदय नगर के पास उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी।
रिक्शा चालक ने वाहन को एक किनारे खड़ा कर दिया। दर्द से कराह रही महिला ने ई-रिक्शा में बच्ची को जन्म दिया। महिलाओं ने पर्दा करके उसका सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद दोनो जच्चा बच्चा को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। वहां पर चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया। दोनो स्वस्थ बताए गए हैं। अनीता के साथ आई सास ने बताया कि काफी देर तक एंबुलेंस को फोन किया गया। लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। मजबूरीवश ई-रिक्शा से अस्पताल ला रहे थे, रास्ते में प्रसव हो गया।
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