लखनऊ: यूपी में लागू हुई नई दुग्ध नीति, जानिये क्या मिलेगा फायदा
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश में नई दुग्ध नीति लागू हो गई है। इसके तहत दुग्ध उद्योग सेक्टर को रियायत दी जाएगी। अगले पांच वर्षों में पांच हजार करोड़ के पूंजी निवेश के लक्ष्य रखा गया है। अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास रजनीश दुबे की ओर जारी शासनादेश के अनुसार ‘उप्र दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पादन …
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश में नई दुग्ध नीति लागू हो गई है। इसके तहत दुग्ध उद्योग सेक्टर को रियायत दी जाएगी। अगले पांच वर्षों में पांच हजार करोड़ के पूंजी निवेश के लक्ष्य रखा गया है।
अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास रजनीश दुबे की ओर जारी शासनादेश के अनुसार ‘उप्र दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022 के क्रियान्वयन के लिए दुग्ध विकास विभाग को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
यह नीति आगामी पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी। जारी शासनादेश में कहा गया है कि प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण के स्तर को वर्तमान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाया जाएगा व दुग्ध प्रसंस्करण की स्थापित क्षमता को 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने, उच्च गुणवत्ता के प्रसंस्कृत दुग्ध उत्पादों को उपभोक्ताओं को सुलभ कराने, बाजार विकास व अन्य राज्यों व देशों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा है।
प्रदेश की सहकारी संस्थाओं व निजी क्षेत्र के उद्यमियों को दुग्ध प्रसंस्करण व दुग्ध उत्पाद विनिर्माण दुग्धशाला इकाई की स्थापना व क्षमता के विस्तार में रियायतें दी जाएंगी। प्लांट मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्य व स्पेयर पार्ट्स की लागत का 10 प्रतिशत अधिकतम पांच करोड़ की सीमा तक पंूजीगत अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा।
ब्याज सब्सिडी के तहत नई दुग्ध प्रसंस्करण व दुग्ध उत्पाद विनिर्माण दुग्धशाला इकाई स्थापित किये जाने के लिए प्लांट मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्य व स्पेयर पार्ट्स के लिए लिये गये ऋण पर देय ब्याज की दर के पांच प्रतिशत की दर से अथवा वास्तविक दर जो भी कम हो, अधिकतम 1000 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति अनुमन्य होगी।
