मुरादाबाद : अपहरण में दो सगे भाइयों समेत तीन को 10-10 साल की सजा
मुरादाबाद,अमृत विचार। संभल में कचहरी के बाहर से सात साल पूर्व हुए युवक के अपहरण के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। जबकि, दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपये का …
मुरादाबाद,अमृत विचार। संभल में कचहरी के बाहर से सात साल पूर्व हुए युवक के अपहरण के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। जबकि, दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संभल कोतवाली में सात अक्टूबर 2015 को अकबर हुसैन ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसका कहना था कि वह घटना वाले दिन अपने बेटे और अन्य रिश्तेदारों के साथ अपने साढ़ू के बेटे की जमानत कराने के लिए संभल में कचहरी गए थे। इस दौरान मोहल्ला चौधरी सराय निवासी मोहम्मद उमर और उसके भाई मोहम्मद रफी, मोहम्मद शाइन, मोहम्मद आजम पुत्र अहमद और दिल्ली के मौजपुर निवासी आमिर पुत्र अनीस वहां पहुंच गए। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी उनके बेटे मोहम्मद शुएब का अपहरण करके ले गए। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने रात में ही मोहम्मद शुएब को आरोपियों के घर से सकुशल बरामद कर लिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था।
अपहरण के इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत में चली। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल कुमार गुप्ता ने बताया कि पीड़ित और उसके परिवार वालों ने अदालत में दिए बयानों में घटना की पुष्टि की। इसके अलावा स्वतंत्र गवाहों ने भी घटना को सही बताया।
अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में मोहम्मद उमर और मोहम्मद रफी को बरी कर दिया। जबकि, दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मोहम्मद शाइन उसके सगे भाई मोहम्मद आजम तथा इनके रिश्ते के भाई आमिर पुत्र अनीस को दोषी माना। अदालत ने तीनों दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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