हमीरपुर: दुष्कर्म मामले में दोषी महिला को 10 साल की सजा, भाई फरार, जानिये क्या है पूरा मामला
हमीरपुर, अमृत विचार। घर से किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने व अपने भाई से दुष्कर्म कराने के मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट नीरज कुमार महाजन की अदालत ने महिला को दोषी करार किया है। अदालत ने दोषी को दस वर्ष की जेल व 17 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। जरिया थानाक्षेत्र के …
हमीरपुर, अमृत विचार। घर से किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने व अपने भाई से दुष्कर्म कराने के मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट नीरज कुमार महाजन की अदालत ने महिला को दोषी करार किया है। अदालत ने दोषी को दस वर्ष की जेल व 17 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जरिया थानाक्षेत्र के इटैलियाबाजा गांव निवासी सरोज राजपूत (हाल मुकाम कालपी चौराहा गौरा देवी हमीरपुर) ने आठ वर्ष पूर्व शहर निवासी पीड़िता किशोरी (16) को अपने काम से कहकर घर से लिवा ले गई। अपने गांव ले जाकर अपने भाई आरोपी लाखन के सुपुर्द कर दिया। जिसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था।
पीड़िता के पिता ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि दोषी महिला का उसके घर में आना जाना था। बताया कि 19 अप्रैल 2014 को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह घर आई और अपने साथ उसकी पुत्री को ले गई। जब शाम तक पीड़िता घर नहीं लौटी तो उसने उसके घर जाकर पता किया तो उसकी मां ने बताया कि बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। जिसे देखने वह लोग कानपुर गई हैं। बताया कि जब उन्होंने उसके फोन में संपर्क कर जानकारी ली तो भ्रमित करते हुए बताया कि वह कानपुर उर्सला अस्पताल में हैं, सुबह आ जाएंगे। दूसरे दिन उसने फोन कर बताया कि वह लोग राठ में हैं। आपकी लड़की को बस में बैठा दिया है।
बताया कि पीड़िता ने घर आकर सारी घटना की जानकारी दी है। पुलिस ने भाई व बहन के खिलाफ साजिश कर अपहरण करने व दुष्कर्म का मामला दर्ज कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। विशेष लोक अभियोजक रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दुष्कर्म का आरोपी लाखन राजपूत अभी तक फरार है। जिस पर वादी पक्ष ने आरोपी लाखन का आरोप पत्र अलग कर दोषी महिला की सुनवाई करने की कोर्ट से याचना की थी। बताया कि अदालत ने दोषी महिला सरोज राजपूत को दस साल की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
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