मेधावी : अनुप्रिया ने नहीं मानी हार और बनी जिला टॉपर

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अमृत विचार, चित्रकूट। अगर आपको अपनी प्रतिभा पर भरोसा है और मेहनत पर विश्वास तो निर्णय भी बदल जाते हैं। होनहार अनुप्रिया सिंह इसकी मिसाल है। हाईस्कूल में जब उसको मनमुताबिक नंबर नहीं मिले तो उसने स्क्रूटनी कराई और नंबर बढ़ने के बाद वह संयुक्त रूप से जिला टापर बन गई। प्रदेश में भी दसवां …

अमृत विचार, चित्रकूट। अगर आपको अपनी प्रतिभा पर भरोसा है और मेहनत पर विश्वास तो निर्णय भी बदल जाते हैं। होनहार अनुप्रिया सिंह इसकी मिसाल है। हाईस्कूल में जब उसको मनमुताबिक नंबर नहीं मिले तो उसने स्क्रूटनी कराई और नंबर बढ़ने के बाद वह संयुक्त रूप से जिला टापर बन गई। प्रदेश में भी दसवां स्थान मिला।

ज्ञान भारती इंटर कालेज की छात्रा अनुप्रिया सिंह ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 600 में 560 अंक प्राप्त किए थे। उसके पिता संकुल प्रभारी कसहाई दिलीप सिंह बताते हैं कि अनुप्रिया को शुरू से ही जिला टाप करने की उम्मीद थी। जब नंबर आए तो वह सन्न रह गई। उसको जिले में छठवां स्थान पाया था। इस पर उसने उनसे कहा कि इतने कम नंबर नहीं आ सकते।

स्क्रूटनी कराने की जिद की और यहां तक कहा कि आवश्यकता पड़ी तो वह कोर्ट में अपनी कापी चेक कराएगी। बेटी की जिद के आगे वह स्क्रूटनी कराने पर सहमत हो गए। दिलीप बताते हैं कि स्क्रूटनी के बाद अनुप्रिया की बात सही साबित हुई। अनुप्रिया के अंग्रेजी में छह अंक और सामाजिक विषय में 10 अंक बढ़े। बताया कि इसके बाद वह संयुक्त रूप से जिले की टापर बन गई।

शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम ने अनुप्रिया को प्रमाणपत्र, ट्राफी व मेडल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उसकी मां सहायक अध्यापिका रगौली प्रतिभा सिंह, भाई अनिकेत सिंह आदि मौजूद रहे। होनहार बालिका की स्वयं की प्रतिभा पर यकीन और उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए भी उदाहरण बन गई है।

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