बरेली: मां-बेटे के मिलन के बीच आए नियम, डेढ़ साल से तड़प रहा इब्रहीम
बरेली, अमृत विचार। एक मां और उसके बेटे के मिलन के बीच नियम ऐसे आड़े आए हैं कि महिला कई महीने से वार्न बेबी फोल्ड संस्था के चक्कर काट रही है लेकिन उसे कड़े नियम उसके बेटे से मिलने नहीं दे रहे हैं। संस्था वाले महिला से कभी आधार कार्ड मांगते हैं तो कभी अन्य …
बरेली, अमृत विचार। एक मां और उसके बेटे के मिलन के बीच नियम ऐसे आड़े आए हैं कि महिला कई महीने से वार्न बेबी फोल्ड संस्था के चक्कर काट रही है लेकिन उसे कड़े नियम उसके बेटे से मिलने नहीं दे रहे हैं। संस्था वाले महिला से कभी आधार कार्ड मांगते हैं तो कभी अन्य दस्तावेज। करीब डेढ़ साल से करीब तीन वर्षीय इब्रहीम मां के आंचल के लिए तरस रहा है।
सुभाषनगर की शबीना ने बताया कि चार साल पहले उसके पति कल्लू ने उसे छोड़ दिया था। उसके बाद उसने शहर के ही रहने वाली अय्यूब से दूसरा निकाह कर लिया था। उसके बाद वह लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के सीतापुर रोड के वालागंज के पास किराए के मकान में रहने लगी। शबीना ने बताया कि उसका पहला पति करीब डेढ़ साल पहले उसके डेढ़ साल के बेटे इब्रहीम को उठाकर ले गया।
बच्चे को ले जाते हुए उसकी बहन से उसे देखा था। उसके बाद वह काफी दिनों तक अपने बेटे की तलाश करते रहे मगर उसका पता नहीं लगा। आठ माह पहले उन्हें किसी ने सूचना दी कि उनका बेटा बरेली के वार्न बेबी फोल्ड में है। उसके बाद वह करीब आठ माह से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं मगर उनके बेटे को उन्हें सुपुर्द नहीं किया जा रहा है।
वार्न बेबी फोल्ड में बदला बच्चे का नाम
शबीना ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी 10 साल की नाजिया, उसके बाद पांच साल की बेटी नगमा और वार्न बेबी फोल्ड में मौजूद तीन साल का इब्रहीम, छह साल का यासीन और एक बेटी नाजमीन है। वार्न बेबी फोल्ड वालों ने उसके बेटे इबहीम का नाम बदलकर यासीन रख दिया है। हर बार वार्न बेबी फोल्ड के अधिकारी उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लाने की बात कहकर टरका देते है।
