बरेली: कान्हा गोशाला में 60 दिन में मरे 31 गोवंश, नही दिखा सके कारण और पंचनामा रिपोर्ट

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बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे पर आने की चर्चाओं के बीच मंडलायुक्त संयुक्ता समद्दार ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी लिमिटेड के निर्माण कार्यों के साथ नदोसी कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गोशाला में घोर अनियमितताएं मिलीं। दो माह में 31 गोवंशों की गोशाला में मौत हुई लेकिन उनकी मौत …

बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे पर आने की चर्चाओं के बीच मंडलायुक्त संयुक्ता समद्दार ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी लिमिटेड के निर्माण कार्यों के साथ नदोसी कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गोशाला में घोर अनियमितताएं मिलीं। दो माह में 31 गोवंशों की गोशाला में मौत हुई लेकिन उनकी मौत कैसे हुई, क्या कारण रहे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य बिंदुओं की रिपोर्ट रजिस्टर में अंकित नहीं मिलीं। छह माह से गोशाला में जिओ टैगिंग नहीं कराई गई।

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इन अनियमितताओं पर मंडलायुक्त बिफर गईं और गोवंशों के पालन और पोषण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स और अपर निदेशक पशुपालन को लापरवाह कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब करने के साथ अनियमितताओं को दुरुस्त कराने के सख्त निर्देश दिए।

मंडलायुक्त संयुक्ता समद्दार निगम के अधिकारियों के साथ शुक्रवार दोपहर नदौसी स्थित कान्हा गौशाला पहुंचीं। गोशाला में डा. सुनैना सिंह पशु चिकित्सा अधिकारी ओपीडी करती हैं लेकिन सात माह पहले 22 मार्च को उन्होंने अंतिम बार ओपीडी की थी। जबकि हर माह 10 से 12 गाय गोशाला में पहुंचती हैं।

इस पर नाराजगी जताते हुए डा. सुनैना सिंह को नियमित ओपीडी करने के साथ गायों की टैगिंग कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान गोवंशों को मिलने वाले पशु आहार के रजिस्टर में नगर स्वास्थ्य अधिकारी व अन्य अधिकारियों के स्टॉक सत्यापन की रिपोर्ट नहीं थी। उपस्थिति के हस्ताक्षर भी नहीं थे। जिस पर मंडलायुक्त ने खासी नाराजगी जताई।

डॉक्टर व गोशाला के कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब
निरीक्षण के दौरान मालूम हुआ कि गोशाला में सितंबर में 15 और अक्टूबर में 16 गोवंशों की मौत हुई थी। डाक्टर आदित्य तिवारी ने गोवंशों की मौत के कारण का रिकॉर्ड नहीं रखा है। पंचनामा मृत्यु का कारण रजिस्टर में अंकित न होने पर डॉक्टर की फटकार लगाई। गोवंशों की मृत्यु का रिकॉर्ड स्पष्ट तरीके से रजिस्टर में अंकित करने के निर्देश दिए।

गोशाला को पीपीपी मोड पर गोबर से बनाने वाले कंपोस्ट यूनिट में कृभको कंपोस्ट और एनएफएल किसान कंपोस्ट के पैकेट भरे पाए गए लेकिन कंपोस्ट यूनिट चलाने के लिए कर्मचारी गैरहाजिर था। जिस पर कमिश्नर ने अपर निदेशक पशुपालन और नगर आयुक्त को निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाले गैरहाजिर कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब कर कार्रवाई करें।

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