Chhath Pooja 2022: आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी सुहागिन महिलाएं, दुल्हन की तरह सजाए गए छठ पूजा घाट
कानपुर, अमृत विचार। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर रविवार को संतान की समृद्धि और दीर्घायु की कामना के साथ महिलाएं भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगी। अपराह्न तीन बजे से ही छठ पूजन घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। नंगे पांव ही महिलाएं घाटों को निकलेंगी और फिर वातावरण में स्कंद माता …
कानपुर, अमृत विचार। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर रविवार को संतान की समृद्धि और दीर्घायु की कामना के साथ महिलाएं भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगी। अपराह्न तीन बजे से ही छठ पूजन घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। नंगे पांव ही महिलाएं घाटों को निकलेंगी और फिर वातावरण में स्कंद माता (छठी मइया) की महिमा वाले लोकगीत गूंज उठेंगे।

व्रती महिलाएं वेदी का पूजन करने के साथ ही छठ माता का पूजन करेंगी। गीतों से मां की महिमा का बखान करेंगी और कमर तक जल में खड़े होकर भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य देंगी। महिलाओं के साथ ही पुरुष भी अर्घ्य देंगे और पद, प्रतिष्ठा व ऐश्वर्य की कामना करेंगे। शनिवार को गन्ने के रस से बनी खीर का सेवन कर सुहागिनों ने 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत की।

घरों में रंगोली बनाई गई। डलिया में फल, फूल, विभिन्न तरह की सब्जियों को सजाया गया। लोकगीतों के माध्यम से ही छठ मइया की महिमा का बखान देर रात तक होता रहा। व्रती महिलाओं ने स्कंद माता से जुड़ी कथा भी सुनी। अब षष्ठी तिथि पर संध्या अर्घ्य की तैयारी शुरू हो गई है। सुहागिनें नंगे पांव ही घाटों पर पहुंचेंगी। सुहागिनें जब अर्घ्य देकर लौटेंगी तो पूरी रात छठी मइया की कथा सुनेंगी।

तमाम सुहागिनें संतान प्राप्ति की कामना के साथ व्रत रखेंगी। इसके साथ ही जिन्हें संतान प्राप्त हो गई है वह छठी मइया उनके सुखमय जीवन का आशीर्वाद मांगेंगी।सूर्य देवता को अर्घ्य देने के लिए पनकी, अर्मापुर, सरसैया घाट, गोला घाट, सीटीआइ नहर घाट, शास्त्री नगर, नमक फैक्ट्री चौराहा स्थित ग्रीन बेल्ट में तैयारियां पूरी हो गई हैं।

खीर खाकर शुरू किया अखंड व्रत
शनिवार को खरना पर महिलाओं ने गन्ने के रस या फिर गुड़ के रस में बनी चावल की खीर बनाकर उसका सेवन किया। इससे पहले खरना पूजन किया। चावल से बना पीठा भी खाया। खरना पूजन के साथ महापर्व के लिए 36 घंटों का निर्जला व्रत भी शुरू कर हो गया। अब यह व्रत सोमवार को उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होगा।

देर रात तक सजाए गए घाट
सीटीआई नहर, पनकी व अर्मापुर नहर, गुजैनी व दबौली समेत विभिन्न जगहों पर छठ पूजा स्थलों को देर रात तक सजाया गया। पनकी स्थित शिव मंदिर की खूबसूरती देखते ही बन रही थी। झिलमिलाती और जलती बुझती झालरें लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। ऐसा लग रहा था मानों असंख्य तारे आसमान से जमीं पर उतर आएं हों छठ मइया के पूजन के लिए। घाटों पर बैरीकेडिग भी लगा दी गई है। पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय वारदात न हो। अर्मापुर नहर स्थित सूर्य देवता मंदिर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
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