मल्टी स्टोरी उपभोक्ताओं को जल्द मिलेगा बिल्डरों के उत्पीड़न से छुटकारा
लखनऊ। मल्टी स्टोरी भवनों के बिजली उपभोक्ताओं का अब बिल्डर उत्पीड़न नहीं कर सकेंगे। उन्हे जल्द ही राहत मिलने वाली है। नियामक आयोग ने उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के सभी डिस्कामों को सात दिनों में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सात दिनों में कंपनियों को बताना है कि सिंगल प्वाइंट से मल्टी प्वाइंट …
लखनऊ। मल्टी स्टोरी भवनों के बिजली उपभोक्ताओं का अब बिल्डर उत्पीड़न नहीं कर सकेंगे। उन्हे जल्द ही राहत मिलने वाली है। नियामक आयोग ने उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के सभी डिस्कामों को सात दिनों में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सात दिनों में कंपनियों को बताना है कि सिंगल प्वाइंट से मल्टी प्वाइंट कंवर्सन कैसे किया जा सकता है।
मतलब फ्लैटों में रहने वालों को कैसे अलग-अलग कनेक्शन दिया जा सकता है। विद्युत नियामक आयोग ने 14 जुलाई को सुवो मोटो सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों के साथ सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। आयोग चेयरमैन आरपी सिंह, सदस्य कौशल किशोर शर्मा और विनोद कुमार श्रीवास्तव ने फैसले में कहा है सभी बिजली कंपनियां सात दिन के अंदर एक रोडमैप पेश करके बताएं उनके क्षेत्र में सिंगल प्वाइंट से मल्टी प्वाइंट कंवर्सन में क्या समस्या आ रही है।
आयोग ने कहा है कि अगर किसी तरह की तकनीकी समस्या आ रही है तो सभी मामलों पर उस रुकावट को दूर करने के लिए तीन दिन में सूचित करें। बिजली कंपनियां इस पर आयोग से तीन दिन में अनुमोदन ले सकती हैं। नियामक आयोग पूरे मामले में 22 जुलाई को समीक्षा करेगा। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जब तक बिल्डरों द्वारा उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बंद नहीं किया जाता, सबको बिजली विभाग से संयोजन नहीं मिल जाता उपभोक्ता परिषद चुप नहीं बैठेगा।
अब सभी बिजली कंपनियों के लिए पूरा रास्ता साफ हो गया है कि अगर कही कानून में भी कोई रुकावट हो तो उसमे बदलाव के लिए आयोग को बताए कोई तकनीकी समस्या हो तो भी बताए। इससे साफ है कि बिल्डरों के उत्पीड़न से उभोक्ताओं को निजात मिलना तय है।
