अयोध्या: खामियों को दुरुस्त कराने में जुटा प्रशासन, मध्य रात्रि के बाद आस्था के पथ पर बढेंगे कदम
अमृत विचार, अयोध्या। रामनगरी के ऐतिहासिक कार्तिक मेले के पहले पड़ाव 14 कोसी परिक्रमा को सकुशल संपन्न कराने की कवायद में जुटे प्रशासन ने संबंधित विभागों को परिक्रमा मार्ग की खामियों को दुरुस्त कराने व व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कराने में लगाया है। हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में समुचित कार्य नहीं हो पाए हैं। प्रशासन …
अमृत विचार, अयोध्या। रामनगरी के ऐतिहासिक कार्तिक मेले के पहले पड़ाव 14 कोसी परिक्रमा को सकुशल संपन्न कराने की कवायद में जुटे प्रशासन ने संबंधित विभागों को परिक्रमा मार्ग की खामियों को दुरुस्त कराने व व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कराने में लगाया है। हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में समुचित कार्य नहीं हो पाए हैं। प्रशासन के पास श्रद्धालुओं की सहूलियत तथा दुश्वारियों को कम करने के लिए कुछ ही घंटे बचे हैं। परिक्रमा को लेकर मंगलवार को आयुक्त सभागार में ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों की ब्रीफिंग होगी।
मंगलवार को मध्य रात्रि बाद से कार्तिक माह के शुक्ल की नवमी तिथि को 14 कोसी परिक्रमा शुरू होगी। रामनगरी के चहुंओर होने वाली इस परिक्रमा को लेकर अलग-अलग विभागों को कार्य योजना के मुताबिक जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग लाइटिंग और आपूर्ति दुरुस्त कराने में जुटा है।
स्वास्थ्य विभाग अस्थाई उपचार केंद्रों की स्थापना के साथ चिकित्सीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगा है। लोक निर्माण विभाग के पास सड़क को दुरुस्त करने, नगर निगम को साफ-सफाई और चूने का छिड़काव के साथ पेयजल आपूर्ति, पुलिस के पास सुरक्षा व सुरक्षित आवागमन का जिम्मा है। अधिकारी बैठक कर और भ्रमण कर तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने दर्शन नगर, मोदहा, आसिफ बाग, रानोपाली रेलवे क्रासिंगों पर मजिस्ट्रेटों के साथ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।
टूटी सड़कें, बिखरी गिट्टी और नाली का पानी चुनौती
– लंबे परिक्रमा पथ पर परिक्रमार्थियों के पैरों को छिलने और चोटिल होने से बचाना व्यवस्था में जुड़े अधिकारियों के समक्ष बड़ी चुनौती है। हालांकि अभी इसको लेकर अपेक्षित प्रयास नहीं दिख रहा है। परिक्रमा मार्ग पर जनौरा गांव के पास गिरिजा कुंड के आगे मार्ग पर ही नाली का पानी बह रहा है। सार्इंदाता कुटिया के पास नाले का ढक्कन खुला पड़ा है। ओवरब्रिज के नीचे रोड पर गिट्टी उखड़ी है और मिट्टी फैली है। सूर्य कुंड के पास परिक्रमा मार्ग के किनारे गंदा पानी और गड्ढा है।
अभी बैरिकेडिंग नहीं हो पाई है। दर्शननगर रेलवे क्रासिंग के पास भी पानी और गड्ढा है। मार्ग पर जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, गिट्टी और मिट्टी बिखरी है। हालांकि पूरे मार्ग पर जगह-जगह प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइटें लग गई हैं और बीच-बीच में पन्नी से अस्थाई शिविर का निर्माण चल रहा है
